By: Ravindra Singh
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई भले ही 3 अक्टूबर को हो चुकी हो, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में मौसम का रुख अभी भी बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण वातावरण में नमी बनी हुई है, जिससे दिन में तेज धूप और रात में हल्की गुलाबी ठंड के बीच बादलों की आवाजाही जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और आंधी चलने की चेतावनी जारी की है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला मौसम का मिजाज
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य के उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और गुजर रही ट्रफ लाइन के प्रभाव से नमी बढ़ रही है। इस कारण मानसून जाने के बाद भी छिटपुट बारिश के हालात बने हुए हैं। शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, शनिवार से इसका दायरा बढ़कर दतिया, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना सहित कई अन्य जिलों तक फैलने के आसार हैं।
तापमान में गिरावट, अमरकंटक में सबसे ठंडी रात
बारिश और बादलों के इस दौर के बीच प्रदेशभर में रातों के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जाने लगी है। अनूपपुर जिले के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान गिरकर 15.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जो राज्य में सबसे कम है। इसके अलावा शाजापुर में 17.4, भोपाल में 17.6 और इंदौर-मलाजखंड में 17.8 डिग्री सेल्सियस पारा रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि दिन में तेज धूप निकलने से गर्मी का अहसास अभी भी बना हुआ है।
20 अक्टूबर के बाद कड़ाके की ठंड के संकेत
अक्टूबर के महीने में तापमान का यह उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता है, हालांकि इस बार अनपेक्षित बारिश ने मौसम को थोड़ा अलग बना दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी 20 अक्टूबर के बाद बादलों की आवाजाही पूरी तरह थम जाएगी और उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा। इसके बाद प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात के तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठंड का असर तेजी से बढ़ने लगेगा।