by:Anuradha
मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब की तस्करी को रोकने के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर की गई निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने एक और बड़ा और सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस अवैध शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को दबोच लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने अवैध शराब से भरे वाहन, चालक और अन्य सह-आरोपियों को भी अपनी सख्त हिरासत में ले लिया है।
घटना का विवरण: चेकिंग के दौरान टीआई को कुचला
यह दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना रविवार-सोमवार (2 नवंबर 2026) की दरम्यानी रात करीब 1:00 से 1:30 बजे के बीच इंदौर-बैतूल हाईवे पर खातेगांव और संदलपुर के बीच घटी।
खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को एक गोपनीय मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि टिमरनी (जिला हरदा) से एक आयशर गाड़ी (क्रमांक MP43 H 4786) में भारी मात्रा में अवैध शराब भरकर उसे गुजरात की तरफ ले जाया जा रहा है। इस पुख्ता सूचना के आधार पर टीआई पुरी अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और नाकेबंदी कर वाहन को रोकने का प्रयास किया। जब उन्होंने वाहन चालक को नीचे उतरकर गाड़ी की तलाशी देने का निर्देश दिया, तो शातिर चालक ने जान से मारने की नियत से टीआई दिलीप पुरी के ऊपर ही तेज रफ्तार आयशर ट्रक चढ़ा दिया।
इस भयानक हादसे में ट्रक का पिछला पहिया टीआई के शरीर के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इस कातिलाना हमले में ड्यूट पर मौजूद आरक्षक सोहन जाट को भी वाहन से कुचलने का प्रयास किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क का बड़ा खुलासा
पुलिस की गहन जांच में यह बात सामने आई है कि यह अवैध शराब टिमरनी (जिला हरदा) से होते हुए गुप्त रूप से गुजरात भेजी जा रही थी। इस अवैध शराब के कारोबार का जाल कई जिलों में फैला हुआ था:
- शराब का ठेका और पार्टनरशिप: पुलिस के मुताबिक, यह शराब का आधिकारिक ठेका पाटेन्द्र जायसवाल (निवासी जिला बड़वानी) के नाम पर था। इस अवैध धंधे में राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहिन जायसवाल की 30-30% तथा पाटेन्द्र जायसवाल की मात्र 10% की वित्तीय भागीदारी थी।
- आरोपियों की संलिप्तता और ठिकाने: मुख्य तस्कर सरगना राहुल जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साझीदार—मनीष जायसवाल इंदौर में, मोहिन जायसवाल गुजरात में और पाटेन्द्र जायसवाल बड़वानी में सक्रिय बताए गए हैं।
चालक और वाहन उपलब्ध कराने वाला भी गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना के अलावा इस वारदात से जुड़े अन्य मददगारों को भी दबोच लिया है:
- वाहन चालक: आयशर ट्रक का चालक गजेंद्र उर्फ अक्कु रावत है, जो मूल रूप से जिला अलीराजपुर का रहने वाला है।
- वाहन उपलब्ध कराने वाला: चालक को अवैध परिवहन के लिए गाड़ी उपलब्ध कराने वाले आरोपी केरम सिंह (निवासी चांगोड़, जिला अलीराजपुर) को भी पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
दर्ज मामले की जानकारी
इस जघन्य वारदात के तुरंत बाद पुलिस की विभिन्न टीमों ने तत्परता दिखाते हुए दबिश दी और अवैध शराब से भरे उस वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया। इस सनसनीखेज मामले में थाना खातेगांव में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 109(1), 121(2), 3(5) एवं मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।