नई दिल्ली : भारतीय डाक अब पारंपरिक डाक सेवाओं से आगे बढ़ते हुए डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सेवाओं की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारतीय डाक अपनी पुरानी विश्वसनीयता को आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ जोड़कर 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप नया स्वरूप अपना रहा है।

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने ‘डाक मित्र’ ऐप, ‘डाक सेवा’ ऐप और आधुनिक बनाए गए 14 डाकघरों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों का मकसद डाक सेवाओं को अधिक तेज, आसान, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है।
अब मोबाइल पर मिलेगी डाक सेवा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज नागरिक केवल सरकारी सेवा की उपलब्धता नहीं चाहता, बल्कि वह चाहता है कि सेवा उसके मोबाइल पर आसानी से उपलब्ध हो। इसी सोच के तहत डाक विभाग अपनी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के साथ-साथ उन्हें नागरिकों की जरूरत के मुताबिक दोबारा तैयार कर रहा है।
उनके अनुसार, डिजिटल परिवर्तन का उद्देश्य केवल पुरानी व्यवस्था को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि पूरी सेवा प्रणाली को नागरिक-केंद्रित बनाना है।
‘डाक मित्र’ ऐप से डाक सेवकों को डिजिटल ताकत
‘डाक मित्र’ ऐप को डाक सेवकों के काम को तकनीक से जोड़ने और उन्हें डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके जरिए डाक, बैंकिंग, बीमा और नागरिकों से जुड़ी कई सेवाओं को अधिक आसानी से उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
मई 2025 में नए स्वरूप में शुरू किए गए इस ऐप का संचालन अब करीब 1.4 लाख ब्रांच पोस्ट ऑफिस में हो रहा है। विभाग के अनुसार, इसके माध्यम से 2.45 करोड़ घरेलू स्पीड पोस्ट और पार्सल बुकिंग दर्ज की गई हैं, जबकि 15.09 करोड़ डाक वस्तुओं की डिलीवरी में भी इसकी भूमिका रही है।
ऐप के जरिए ₹1,102 करोड़ के नए प्रीमियम और कुल ₹5,431 करोड़ के प्रीमियम कलेक्शन में योगदान की जानकारी दी गई है।
घर तक पहुंच रही डाक विभाग की सेवा
डिजिटल व्यवस्था का एक बड़ा बदलाव यह है कि अब नागरिकों को हर सेवा के लिए डाकघर जाने की जरूरत कम हो रही है। डाक सेवक खुद कई सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
आधार आधारित KYC, बायोमेट्रिक के जरिए नकद निकासी और डिजिटल e-KYC जैसी सुविधाओं से बैंकिंग और डाक सेवाओं का लाभ लेना अधिक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया गया है।
‘डाक सेवा’ ऐप बना डिजिटल डाकघर
‘डाक सेवा’ ऐप को नागरिकों के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित किया गया है। जून 2025 में इसके पायलट लॉन्च के बाद अब तक करीब 10 लाख डाउनलोड दर्ज किए जा चुके हैं। ऐप के माध्यम से 91.34 लाख मेल और पार्सल आर्टिकल बुक किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस ऐप के जरिए नागरिक कई जरूरी सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय डाक की ट्रैकिंग
- स्पीड पोस्ट और पार्सल बुकिंग
- e-Money Order जैसी सुविधाएं
- ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना और उसका स्टेटस देखना
- नजदीकी डाकघर और PIN Code की जानकारी
- डाक शुल्क की गणना
- लघु बचत योजनाओं की जानकारी
- PLI और RPLI बीमा सेवाओं की जानकारी
23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है ऐप
‘डाक सेवा’ ऐप की एक खासियत यह है कि इसे 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। इससे अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों के नागरिकों के लिए डिजिटल डाक सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने का प्रयास किया गया है।
ऐप में UPI, इंटरनेट बैंकिंग और कार्ड से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा SBI ePay के माध्यम से ऑनलाइन बिल भुगतान और घरेलू-अंतरराष्ट्रीय बुकिंग प्रक्रिया को भी सरल बनाने की व्यवस्था की गई है।
14 आधुनिक डाकघरों का हुआ शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि डिजिटल विस्तार का मतलब यह नहीं है कि भौतिक डाकघरों की उपयोगिता खत्म हो रही है। आज भी करोड़ों लोगों के लिए डाकघर भरोसे, मानवीय संपर्क और सरकारी सेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
इसी उद्देश्य से देशभर में डाकघरों को आधुनिक रूप देने की योजना पर काम चल रहा है। 17 राज्यों में 40 डाकघरों के आधुनिकीकरण की पहचान की गई है, जिनमें 27 का काम पूरा हो चुका है। इसी क्रम में 14 नए आधुनिक डाकघरों का उद्घाटन किया गया।
इनमें पाटलिपुत्र, वसंत कुंज, सेक्टर-56 गुरुग्राम, काकुरगाची, विदिशा, सांची, शिलॉन्ग, कांदिवली पश्चिम, शंकर नगर, अयोध्या नगर, निराला नगर, गोमती नगर, इंदिरा नगर और प्रयागराज के डाकघर शामिल हैं।
इन डाकघरों को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि नागरिकों को पारंपरिक डाकघर के भरोसे के साथ आधुनिक सेवा केंद्र जैसा अनुभव भी मिल सके।
राजस्व में भी भारतीय डाक ने दर्ज की बढ़ोतरी
भारतीय डाक का डिजिटल विस्तार केवल सेवाओं तक सीमित नहीं है। विभाग के राजस्व में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग ₹13,218 करोड़ का राजस्व दर्ज हुआ, जो 2025-26 में बढ़कर ₹15,296 करोड़ हो गया। यह करीब 16 प्रतिशत की वृद्धि है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में विभाग ने ₹4,008.95 करोड़ का रिकॉर्ड तिमाही राजस्व दर्ज किया। पहली बार किसी एक तिमाही में राजस्व ₹4,000 करोड़ के पार पहुंचा और साल-दर-साल करीब 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
‘डाक सेवा’ से आगे बढ़कर नागरिक-केंद्रित व्यवस्था
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारतीय डाक की सफलता केवल ऐप के डाउनलोड या आधुनिक डाकघरों की संख्या से तय नहीं होगी। असली सफलता तब मानी जाएगी जब तकनीक से डाक कर्मचारियों का काम आसान हो और नागरिकों को सेवाएं अधिक तेज, सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से मिलें।
उन्होंने भारतीय डाक के बदलते स्वरूप को “पुराना भरोसा, नई तकनीक; वही अपनापन, नई गति” की सोच से जोड़ा।
सरकार के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत भारतीय डाक को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और भरोसेमंद संस्था के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। देश के दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच और नागरिकों के साथ सीधा संपर्क भारतीय डाक की बड़ी ताकत है, जिसे डिजिटल तकनीक के जरिए और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, डाक विभाग के सचिव सुब्रत दास, डाक महानिदेशक जितेंद्र गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि और डाक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।