सड़क नहीं, खटिया बनी सहारा: बीमार बुजुर्ग को 2 किलोमीटर तक उठाकर ले गए परिजन

श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नितनमास पंचायत के प्रभु का पुरा गांव से ग्रामीण सुविधाओं की जमीनी हकीकत उजागर करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में सड़क सुविधा के अभाव के कारण एक बीमार बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी गांव

जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय रामफूल केवट की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाने का प्रयास किया, लेकिन गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस वहां नहीं पहुंच सकी। इससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई।

खटिया पर लिटाकर 2 किलोमीटर तक ले गए

मजबूरी में परिजनों ने रामफूल केवट को खटिया पर लिटाया और करीब 2 किलोमीटर तक कच्चे एवं दलदली रास्ते से पैदल लेकर निकले। रास्ते की खराब स्थिति के बावजूद परिवार के सदस्य बुजुर्ग को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के लिए संघर्ष करते रहे। इस दौरान ग्रामीण स्वास्थ्य और सड़क व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए।

सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं, जिससे मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव तक बेहतर सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव तक सड़क होती तो एंबुलेंस सीधे मरीज के घर तक पहुंच सकती थी और बुजुर्ग को इस तरह खटिया पर ले जाने की नौबत नहीं आती।

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