By: Ravindra Singh
Bhopal : मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले वोकेशनल ट्रेनर्स ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रुख अपनाने की चेतावनी दी है। नवीन व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक संघ ने अधिकारियों के साथ सीधे पत्राचार पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शासन स्तर पर बातचीत नहीं हुई तो प्रदेश के करीब 6 हजार ट्रेनर्स आंदोलन कर सकते हैं।
2014-15 से सरकारी स्कूलों में दे रहे प्रशिक्षण
Bhopal संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश परमार के मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत वर्ष 2014-15 से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इस कार्य की जिम्मेदारी वोकेशनल ट्रेनर्स संभाल रहे हैं।
ट्रेनर्स के कार्य, उपस्थिति और परीक्षा से संबंधित नियम लोक शिक्षण संचालनालय तथा समग्र शिक्षा विभाग तय करते हैं, जबकि वेतन और श्रम संबंधी व्यवस्थाएं आउटसोर्स एजेंसियों यानी VTPs के माध्यम से संचालित होती हैं।
करीब 10 साल से 20 हजार रुपए मानदेय मिलने का दावा
Bhopal संघ का दावा है कि प्रदेश में वोकेशनल ट्रेनर्स को पिछले करीब एक दशक से 20 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। संघ ने दिल्ली और हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ट्रेनर्स को 38,600 रुपए तक मानदेय के साथ सालाना वेतन वृद्धि भी मिलती है।
संघ ने समग्र शिक्षा मैनुअल-2024 का हवाला देते हुए राज्यांश के तहत अतिरिक्त राशि जोड़कर मानदेय बढ़ाने की मांग की है।
दिसंबर 2025 से CL बंद करने का आरोप
Bhopal ट्रेनर्स ने आरोप लगाया है कि उन्हें मातृत्व अवकाश और मेडिकल लीव जैसी सुविधाएं पर्याप्त रूप से नहीं मिल रही हैं। संघ के मुताबिक, करीब 10 वर्षों से हर महीने मिलने वाली एक आकस्मिक छुट्टी यानी CL की सुविधा दिसंबर 2025 से बंद कर दी गई है।
ट्रेनर्स ने CL की सुविधा को फिर से बहाल करने की मांग की है।
2,627 स्कूलों में 5,254 ट्रेनर्स होने का दावा
Bhopal नवीन व्यावसायिक शिक्षा-प्रशिक्षक महासंघ (NVETA) के अनुसार, मध्य प्रदेश के 2,627 सरकारी स्कूलों में 5,254 वोकेशनल ट्रेनर्स काम कर रहे हैं। महासंघ का दावा है कि इनके वेतन के लिए केंद्र सरकार की ओर से सैलरी हेड में 157.62 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है।
महासंघ का आरोप है कि बजट मंजूर होने के बावजूद ट्रेनर्स को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मानदेय से कटौती और 10% कमीशन का आरोप
Bhopal महासंघ ने ट्रेनर्स के मूल मानदेय से प्रशासनिक खर्च के नाम पर कटौती किए जाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही आउटसोर्स कंपनियों को 10 प्रतिशत कमीशन दिए जाने की बात भी कही गई है।
संघ का कहना है कि प्रबंधन से जुड़े खर्चों के लिए अलग से बजट उपलब्ध है, इसलिए ट्रेनर्स के मानदेय से कमीशन काटना उचित नहीं है।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन की चेतावनी
Bhopal वोकेशनल ट्रेनर्स ने अधिकारियों के साथ संवाद और सीधे पत्राचार पर लगाए गए प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही शासन और समग्र शिक्षा विभाग से उनकी समस्याओं पर बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित आदेश वापस नहीं लिया गया और मांगों पर चर्चा नहीं हुई तो प्रदेशभर के करीब 6 हजार वोकेशनल ट्रेनर्स आंदोलन शुरू कर सकते हैं। संघ ने किसी भी आंदोलन की स्थिति के लिए शासन और समग्र शिक्षा विभाग को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
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