गुना। जिले में खाद की किल्लत को लेकर किसानों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। बागेरी डबल लॉक वितरण केंद्र के बाहर खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने बमौरी रोड पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर कई घंटे तक आवागमन बाधित रहा। किसानों के साथ बमौरी से कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि ई-टोकन व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
आठ दिन से ई-टोकन के लिए परेशान किसानों का आरोप
किसानों का कहना है कि वे पिछले आठ दिनों से लगातार मोबाइल के जरिए ई-टोकन बुक करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उन्हें टोकन नहीं मिल पा रहा है। किसानों के मुताबिक, ई-टोकन बुक करते समय कभी सर्वर काम नहीं करता तो कभी वेबसाइट पूरी तरह बंद दिखाई देती है।
किसानों ने आरोप लगाया कि रिटेलर करीब 9:50 बजे पहुंचते हैं, जबकि पोर्टल सुबह 9:30 से 10 बजे के बीच बंद बताया जाता है। उनका कहना है कि जैसे ही सुबह 10 बजे टोकन जनरेट करने का समय आता है, रिटेलर वहां मौजूद नहीं रहते और किसानों के पास टोकन बुक करने के लिए बेहद कम समय बचता है। सर्वर की समस्या के कारण इस दौरान भी टोकन बुक नहीं हो पाता।
सरकारी केंद्रों पर खाद नहीं, निजी दुकानों पर उपलब्धता पर सवाल
चक्काजाम के दौरान किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सरकारी केंद्रों और डबल लॉक केंद्रों पर खाद उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है, जबकि निजी दुकानों पर खाद मिल रही है। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि सरकारी केंद्रों पर खाद की कमी है तो निजी दुकानों तक खाद कैसे पहुंच रही है।
किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों पर सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि कृत्रिम किल्लत पैदा कर खाद की कालाबाजारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि इससे किसान मजबूरी में महंगे दामों पर खाद खरीदने के लिए विवश हो रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विधायक ऋषि अग्रवाल ने उठाए सवाल, आंदोलन की चेतावनी
किसानों के प्रदर्शन के दौरान बमौरी से कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल भी उनके साथ सड़क पर पहुंचे। उन्होंने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकारी केंद्रों और डबल लॉक पर खाद की कमी है तो खुले बाजार में निजी दुकानों पर खाद की उपलब्धता कैसे हो रही है।
वहीं, किसानों ने गुना जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ई-टोकन प्रणाली में सुधार नहीं किया गया और खाद वितरण की व्यवस्था सुचारु नहीं हुई तो जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि खाद के लिए उन्हें लगातार परेशान होना पड़ रहा है और अब वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।