मंदसौर जिले के दलौदा से रिश्वतखोरी से जुड़ी बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दलौदा की महिला सरपंच दुर्गा कैथवास के पति और सरपंच प्रतिनिधि अनिल कैथवास को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते ईओडब्ल्यू उज्जैन की टीम ने कथित तौर पर रंगे हाथों पकड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, दलौदा निवासी विक्रम सिंह को बैंक से लोन लेना था। इसके लिए ग्राम पंचायत से प्रमाण पत्र और एनओसी की जरूरत थी। आरोप है कि पंचायत से प्रमाण पत्र देने को लेकर करीब एक महीने से बातचीत चल रही थी। इसी दौरान सरपंच प्रतिनिधि ने कथित तौर पर पहले 5 हजार रुपये की मांग की। फरियादी द्वारा राशि कम करने की बात कहने के बाद 4 हजार रुपये में सौदा तय होने का आरोप है।
पहले दिए 500 रुपये, बाकी रकम लेते पकड़ा
बताया जा रहा है कि तय रकम में से 500 रुपये पहले ही दिए जा चुके थे। इसके बाद बाकी 3500 रुपये देने थे। शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने मामले का सत्यापन किया और सोमवार को कार्रवाई के लिए जाल बिछाया।
फरियादी जब बाकी 3500 रुपये लेकर दलौदा कृषि उपज मंडी के पास पहुंचा और कथित तौर पर राशि अनिल कैथवास को दी, तभी मौके पर मौजूद ईओडब्ल्यू उज्जैन की टीम ने उसे पकड़ लिया।
पंचायत कार्यालय पहुंची ईओडब्ल्यू की टीम
रिश्वत लेने के आरोप में कार्रवाई के बाद ईओडब्ल्यू की टीम दलौदा ग्राम पंचायत कार्यालय भी पहुंची। यहां दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। कार्रवाई के बाद पंचायत और स्थानीय स्तर पर हड़कंप की स्थिति है। फिलहाल मामले में ईओडब्ल्यू की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।