बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा के दर्शन करने के दौरान सनातन धर्म, धर्मांतरण और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने देश में हो रहे धर्मांतरण के मामलों पर चिंता जताते हुए इसके पीछे विदेशी ताकतों के हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया है।
धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग पर तीखी प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देश में धर्मांतरण कराने के लिए कई लोग और विदेशी ताकतें बड़े स्तर पर प्रयास कर रही हैं। इन ताकतों द्वारा जगह-जगह विभिन्न माध्यमों से फंडिंग की जा रही है। हिंदुओं को बरगलाने और उनका धर्म परिवर्तन कराने वालों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि अब देश में धर्मांतरण का यह खेल नहीं चलेगा और भारत निश्चित रूप से हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा।
सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा का उद्देश्य
अपनी ‘सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा’ के बारे में बताते हुए पंडित शास्त्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि एक वैचारिक और “राम नैतिक यात्रा” है।
- इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को भगवान राम की विचारधारा से जोड़ना और उन्हें एकजुट करना है।
- जिस प्रकार भगवान राम ने भेदभाव और छुआछूत को मिटाकर नर और वानर सभी को संगठित किया था, उसी तरह समाज को भी भेदभाव मुक्त बनाना इस यात्रा का लक्ष्य है।
- उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि भारत से सनातन समाप्त होता है, तो देश का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा।
देश की शांति और एकता की अपील
वर्तमान परिस्थितियों को गंभीर बताते हुए उन्होंने देशवासियों से अपील की कि किसी भी बाहरी या विदेशी ताकतों के बहकावे में आकर देश में दंगा-फसाद या उन्माद न फैलाएं। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा देश और देश की सेना के साथ खड़े रहना चाहिए। देश में शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है, अन्यथा विदेशी ताकतें भारत की स्थिति का उपहास उड़ाएंगी और देश के भीतर गृह युद्ध की स्थिति पैदा करने का प्रयास करेंगी।
जातिगत राजनीति पर कड़ा संदेश
समाज में जातिगत भेदभाव और बयानबाजी को लेकर राजनेताओं पर निशाना साधते हुए पंडित शास्त्री ने कहा कि जातियों के नाम पर समाज को बांटने का काम सिर्फ राजनीतिक लोग अपने स्वार्थ और रोटियां सेकने के लिए करते हैं।
- उन्होंने राजनीति को गलत नहीं बताया, लेकिन राजनेताओं से आग्रह किया कि वे जनता को अगड़े-पिछड़े के नाम पर आपस में न लड़ाएं।
- उनके अनुसार, एक सच्चा और कुशल राजनेता वही है जो देश और राष्ट्र के लिए जीता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत
धर्मांतरण के कानूनी पहलुओं पर बात करते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की सराहना की, जिसमें धर्मांतरण करने वालों को मिलने वाले आरक्षण और अन्य सुविधाओं से अलग करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि PFI और अन्य विदेशी ताकतें मिलकर हिंदुओं को बहकाने में लगी हैं, लेकिन अब देश की जनता जागरूक हो चुकी है और भारत को हिंदू राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।

