By: Ravindra Singh
Bhopal : मध्य प्रदेश जेल विभाग ने जेलों में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुधारात्मक पुनर्वास को लेकर नई पहल शुरू की है। जेल विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के बीच हुए एमओयू के तहत ‘प्रोजेक्ट प्रहरी’ की शुरुआत की गई है। इसी परियोजना के अंतर्गत केंद्रीय जेल भोपाल में प्रदेश का पहला साइको सोशल केयर सेंटर स्थापित किया गया है। जेल डीजी वरुण कपूर ने सेंटर का उद्घाटन किया।
तनाव और मानसिक परेशानियों की होगी पहचान
Bhopal साइको सोशल केयर सेंटर में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य का आकलन करने के साथ उनकी काउंसलिंग की जाएगी। जरूरत के अनुसार मनोवैज्ञानिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य तनाव और अवसाद जैसी परेशानियों को समझना, हिंसक व्यवहार की संभावनाओं को कम करना और बंदियों में सकारात्मक सोच व आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है।
प्रशिक्षित कर्मचारी करेंगे बंदियों की काउंसलिंग
Bhopal राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के सहयोग से जेल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षित कर्मचारी बंदियों की मानसिक और सामाजिक परिस्थितियों का आकलन करेंगे। इसके आधार पर जरूरतमंद बंदियों को परामर्श और आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा।
सेंटर में बंदियों की व्यक्तिगत परेशानियों और व्यवहार से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। आत्मनियंत्रण, सामाजिक जिम्मेदारी, सकारात्मक सोच और व्यवहार में सुधार के लिए विभिन्न गतिविधियां कराई जाएंगी।
जरूरत पड़ने पर उपचार और फॉलोअप भी
Bhopal यह सेंटर सिर्फ शुरुआती काउंसलिंग तक सीमित नहीं रहेगा। जिन बंदियों को अतिरिक्त सहायता की जरूरत होगी, उनके लिए आवश्यक उपचार और नियमित फॉलोअप की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की समय पर पहचान और उचित सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
दूसरे जेलों तक पहुंचाने की तैयारी
Bhopal भोपाल केंद्रीय जेल में शुरू की गई इस व्यवस्था के कामकाज और परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद अनुभवों के आधार पर प्रदेश की अन्य जेलों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है।
जेल डीजी वरुण कपूर के अनुसार, फिलहाल इस पहल की शुरुआत केंद्रीय जेल भोपाल से की गई है। सुविधाओं और संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर भविष्य में अन्य कारागारों में भी ऐसे सेंटर शुरू किए जाएंगे।
जेल विभाग का लक्ष्य केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं
Bhopal जेल डीजी ने कहा कि कारागार व्यवस्था का उद्देश्य केवल बंदियों की निगरानी और सुरक्षा तक सीमित नहीं है। उनके मानसिक स्वास्थ्य और सुधारात्मक पुनर्वास पर भी ध्यान देना जरूरी है। काउंसलिंग के जरिए तनाव और व्यवहार संबंधी समस्याओं को समझने तथा बंदियों को सकारात्मक दिशा देने में सहायता मिल सकती है। जेल से रिहाई के बाद समाज में उनका बेहतर पुनर्वास भी इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
देशभर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का नौवां सेंटर
Bhopal राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के डायरेक्टर राकेश सिंह के मुताबिक, मध्य प्रदेश में शुरू किया गया यह सेंटर देशभर में विश्वविद्यालय की ओर से स्थापित नौवां सेंटर है। ‘प्रोजेक्ट प्रहरी’ के तहत इसका उद्देश्य जेलों में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं की पहचान, काउंसलिंग और व्यवहार में सुधार के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करना है। भोपाल में मिले अनुभवों के आधार पर आगे इस मॉडल को प्रदेश के अन्य कारागारों तक ले जाने की योजना है।
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