चांद नगर परिषद में शासन से स्वीकृत करोड़ों रुपये की एसटीपी परियोजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एसटीपी में कराया जा रहा वॉल निर्माण गुणवत्ता परीक्षण में निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा और टेस्ट रिपोर्ट में फेल पाया गया। इसके बावजूद संबंधित निर्माण को तोड़कर दोबारा निर्माण कराने की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
फेल निर्माण के बावजूद काम जारी रखने का आरोप
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि इंजीनियर और नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी में गुणवत्ता परीक्षण में फेल बताए जा रहे निर्माण कार्य को भी जारी रखा जा रहा है। इसके अलावा नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जारी हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
मामले में अब सवाल उठ रहा है कि जब निर्माण की टेस्टिंग रिपोर्ट में गुणवत्ता को लेकर आपत्ति सामने आने की बात कही जा रही है, तो संबंधित अधिकारियों की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। स्थानीय स्तर पर मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। वहीं जब इस संबंध में नगर परिषद की सीएमओ से सवाल किया गया तो आरोप है कि वह कैमरे के सामने आने से बचती नजर आईं। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित दस्तावेजों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

