by:Anuradha
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसान और बेजुबान जानवर के बीच के अटूट रिश्ते को उजागर कर दिया है। यहां एक गरीब शख्स रोते-बिलखते हुए अपनी घायल बकरी को गोद में उठाकर सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय जा पहुंचा। पीड़ित का आरोप है कि उसके पड़ोसी ने डंडे से पीटकर मूक पशु का पैर तोड़ दिया है, लेकिन स्थानीय थाने की पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की।
गाड़ी पर चढ़ने से गुस्साए पड़ोसी ने तोड़ा बकरी का पैर
यह पूरा मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गौरा गांव का है। यहां रहने वाले शिकायतकर्ता दुबियालाल पटेल की बकरी पास में खड़ी एक गाड़ी पर चढ़ गई थी। इसी बात से आग बबूला होकर पड़ोसी देवकीनंदन पटेल ने बेरहमी से डंडे से पीटकर बकरी का एक पैर तोड़ डाला। जब पीड़ित दुबियालाल ने इस अमानवीय हरकत का विरोध किया, तो आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज भी की और धमकाया।
थाने से निराश होकर एसपी ऑफिस पहुंचा पीड़ित
घटना के बाद पीड़ित न्याय की उम्मीद में उसी रात सिविल लाइंस थाने पहुंचा था, आरोप है कि पुलिस ने मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। स्थानीय पुलिस के इस उदासीन रवैये से आहत होकर दुबियालाल ने अनोखा कदम उठाया और अपनी घायल बकरी को गोद में उठाकर सीधे एसपी ऑफिस पहुंच गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने सिविल लाइंस थाना प्रभारी (SHO) को तलब कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि घायल बकरी का पशुचिकित्सा परीक्षण (वेटरनरी चेकअप) कराया जाएगा। डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एमपी में पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
मध्य प्रदेश में मूक पशुओं के प्रति क्रूरता की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी राज्य में इस तरह के कई मामले तूल पकड़ चुके हैं, जैसे सीहोर नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार कंटेनर द्वारा भेड़ों के पूरे झुंड को कुचल दिए जाने की दर्दनाक घटना ने लोगों को झकझोर दिया था। बहरहाल, छतरपुर के इस वायरल मामले में अब पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है और आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है।

