हाट बाजारों में रेहड़ी और ठेला संचालकों से अवैध उगाही
भिंड जिले की गोहद नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। यहां के साप्ताहिक हाट बाजारों और मुख्य मार्गों पर अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे फल-सब्जी विक्रेताओं और फास्ट फूड के ठेला चालकों से धड़ल्ले से अवैध दैनिक शुल्क (तहबाजारी) वसूला जा रहा है। नगर पालिका के नाम पर सक्रिय निजी लोग प्रत्येक दुकान से रोज जबरन 10 रुपये की वसूली कर रहे हैं।
रसीद न देना और कारोबार ठप करने की धमकियां
वसूली करने वाले दबंगों द्वारा गरीब दुकानदारों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। यदि कोई दुकानदार शुल्क देने से मना करता है, तो उसे बाजार से भगाने और भविष्य में ठेला न लगाने देने की धमकियां दी जाती हैं। हालात यह हैं कि इनमें से कुछ लोगों को ही रसीद या पर्ची थमाई जाती है, जबकि अधिकांश से बिना किसी कागजी रसीद के ही खुलेआम नकदी ऐंठी जा रही है, जिससे पटरी दुकानदारों में गहरा आक्रोश है।
पूर्व सीएम की घोषणा के बावजूद निजी ठेकेदारी प्रथा सक्रिय
खास बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 मई 2023 को भोपाल में हुई हाथठेला, फेरी एवं रेहड़ी विक्रेता महापंचायत के दौरान स्पष्ट आदेश दिए थे कि बाजार बैठकी या तहबाजारी की प्रतिदिन की वसूली तथा इससे जुड़ी ठेकेदारी प्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जाता है। इसके बावजूद गोहद नगर पालिका प्रशासन की कथित मिलीभगत से निजी लोगों के जरिए यह अवैध वसूली का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

