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ग्वालियर के गिरवाई पटाखा बाजार में सुरक्षा नियमों की अनदेखी, लाइसेंस की दुकानें किराए पर; क्षमता से चार गुना ज्यादा स्टॉक

Gwalior

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By: Ravindra Singh

ग्वालियर। शहर के गिरवाई स्थित थोक पटाखा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि प्रशासन से लाइसेंस प्राप्त दुकानों का संचालन वास्तविक लाइसेंसधारियों के बजाय किराएदार कर रहे हैं। दुकानों को मोटी रकम लेकर किराए पर दिए जाने के साथ ही यहां भंडारण और अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन की शिकायतें भी सामने आई हैं। दीपावली के दौरान बाजार में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए यह स्थिति चिंता बढ़ा रही है।

14 दुकानों का आवंटन, सालाना 10 से 15 लाख रुपये तक किराया

गिरवाई में प्रशासन की ओर से थोक पटाखा कारोबार के लिए कुल 14 दुकानें आवंटित की गई हैं। करीब 100 वर्ग फीट क्षेत्रफल वाली इन दुकानों को लेकर दावा किया जा रहा है कि लाइसेंसधारियों ने इन्हें दूसरे कारोबारियों को सालाना 10 से 15 लाख रुपये तक के किराए पर दे रखा है। इसके अलावा दुकानों के आगे और पीछे अतिक्रमण किए जाने की बात भी सामने आई है। यदि ये आरोप सही हैं तो लाइसेंस की शर्तों और बाजार प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।

निर्धारित सीमा से चार गुना अधिक पटाखों का भंडारण

त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग के बीच बाजार की कई दुकानों और गोदामों में निर्धारित क्षमता से अधिक पटाखे रखे जाने का आरोप है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुछ कारोबारियों के यहां लाइसेंस में तय मात्रा की तुलना में करीब चार गुना अधिक आतिशबाजी का स्टॉक जमा है। अग्निशमन उपकरणों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। कई दुकानों में रखे अग्निशामक यंत्रों के खराब या एक्सपायरी होने की शिकायत है। वहीं, आपातकालीन स्थिति में तत्काल राहत के लिए फायर ब्रिगेड की पर्याप्त उपलब्धता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

महंगी कीमतों से फुटकर व्यापारियों ने शिवकाशी से मंगवाया माल

गिरवाई के थोक पटाखा बाजार में दीपावली से पहले ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है, लेकिन यहां कीमतें अधिक होने की शिकायत भी लगातार सामने आती रही है। स्थानीय फुटकर व्यापारियों के अनुसार, गिरवाई में थोक दरें अन्य बाजारों के मुकाबले ज्यादा हैं। यही वजह है कि शहर के मेलों और दूसरे स्थानों पर पटाखों की दुकान लगाने वाले कई व्यापारी यहां से खरीदारी करने के बजाय सीधे तमिलनाडु के शिवकाशी से माल मंगवाना पसंद कर रहे हैं। शिवकाशी में उन्हें अपेक्षाकृत कम कीमत पर आतिशबाजी की अलग-अलग किस्में उपलब्ध हो जाती हैं।

गिरवाई पटाखा बाजार में लाइसेंस, भंडारण क्षमता, अतिक्रमण और अग्नि सुरक्षा से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। दीपावली के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन को दुकानों और गोदामों का निरीक्षण कर नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

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