By: Ravindra Singh
ग्वालियर। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बुधवार को ग्वालियर पहुंचे और शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पटवारी ने हादसे की जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने प्रदेश में कफ सिरप से बच्चों की मौत, जहरीली शराब की घटनाओं और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर भी अपनी बात रखी।
शीतला माता मंदिर हादसे पर सरकार और प्रशासन से मांगा जवाब
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जान जाने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने शीतला माता मंदिर हादसे का जिक्र करते हुए सवाल किया कि श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मंदिर परिसर तक ट्रक कैसे पहुंचा और वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे।
पटवारी ने प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि हादसे के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और घटना के लिए जवाबदेह लोगों की पहचान कैसे की जा रही है। उनका कहना था कि पीड़ित परिवारों को केवल सांत्वना देने के बजाय सरकार को हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने घायलों के उपचार का मुद्दा उठाते हुए भी सरकारी व्यवस्थाओं की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी मरीज को एयरलिफ्ट करना सराहनीय कदम हो सकता है, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों की उपलब्धता में कमी की शिकायतें गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पटवारी ने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
बेरोजगारी, महंगाई और दूषित पानी से मौतों का उठाया मुद्दा
जीतू पटवारी ने प्रदेश में कफ सिरप से बच्चों की मौत, जहरीली शराब से जुड़ी घटनाओं और इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अयोध्या यात्रा को लेकर भाजपा की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए पटवारी ने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और आम परिवारों की आर्थिक परेशानियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने मंदिरों में मिलने वाले दान और चढ़ावे से जुड़े सवालों के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल के बिजली बिल का भी जिक्र किया। पटवारी ने आम लोगों के बढ़ते खर्च का हवाला देते हुए सरकार से उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की बात कही।
देश में युवाओं, नशे की समस्या और बढ़ते कर्ज जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पटवारी ने कहा कि इन विषयों पर भी सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान नागरिकों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार देता है।
सिंधिया पर निशाना, 2028 के विधानसभा चुनाव का किया जिक्र
अपने बयान में जीतू पटवारी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के वर्ष 2020 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उस राजनीतिक घटनाक्रम को भूली नहीं है और नवंबर 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी इसका राजनीतिक जवाब देगी।
पटवारी ने भाजपा और आरएसएस को लेकर भी अपनी टिप्पणियां कीं। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा का उल्लेख करते हुए महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के योगदान को याद किया। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की आजादी के संघर्ष से जुड़ी विचारधारा कांग्रेस की राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ग्वालियर दौरे के दौरान पटवारी ने शीतला माता मंदिर हादसे को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि हादसे से प्रभावित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जानी चाहिए।
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