by anuradha
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से आगामी राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई इस सीट के लिए 12 नवंबर को उपचुनाव संपन्न होना है। हरदीप सिंह पुरी वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
क्यों खाली हुई थी यह सीट?
इसी वर्ष अक्टूबर के महीने में बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन द्वारा राज्यसभा और अपने मंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद से यह सीट खाली पड़ी थी। उनके इस अचानक इस्तीफे के बाद से केंद्र की एनडीए सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर भी सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई थीं। खाली हुई इस सीट को भरने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा 12 नवंबर को उपचुनाव निर्धारित किया गया है।
यूपी का कार्यकाल समाप्त होने से पहले मिला नया मौका
गौरतलब है कि हरदीप सिंह पुरी का उत्तर प्रदेश से मौजूदा राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यकाल आगामी 25 नवंबर को समाप्त होने वाला था। पार्टी द्वारा हालिया राज्यसभा चुनावों में उन्हें उत्तर प्रदेश से दोबारा नामांकित नहीं किया गया था, जिसके चलते उच्च सदन में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर संशय बना हुआ था। हालांकि, अब मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनका संसद के उच्च सदन में बने रहना लगभग तय माना जा रहा है।
कूटनीति से लेकर शासन संचालन तक का सफर
राजनीति में आने से पहले हरदीप सिंह पुरी एक प्रतिष्ठित भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व किया है और कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेकर उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया था। सितंबर 2017 में उन्हें आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया, और जुलाई 2021 से वह देश के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

