Gwalior : एक हजार बिस्तर वाले अस्पताल में इन दिनों वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल में भारी भीड़ जुट रही है। इसी भीड़ का फायदा जेबकतरे उठा रहे हैं। मरीजों और उनके अटेंडरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि अस्पताल परिसर में आए दिन किसी की जेब से पर्स तो किसी का मोबाइल गायब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
लाइन में लगते ही जेबकतरों का निशाना बन रहे मरीज-अटेंडर
अस्पताल में मरीजों की जांच, पर्ची और दवा आदि के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। इसी दौरान जेबकतरे भीड़ में शामिल होकर मरीजों और उनके परिजनों को अपना निशाना बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि जो लोग जल्दबाजी या हड़बड़ाहट में होते हैं, उन्हें शातिर जेबकतरे आसानी से निशाना बना लेते हैं।
भीड़ के बीच लाइन में लगने के दौरान लोगों को पता तक नहीं चलता कि कब उनकी जेब से पर्स या मोबाइल गायब हो गया। घटना का पता चलने के बाद मरीज और उनके परिजन परेशान होकर पुलिस तक पहुंचते हैं।
कंपू थाने तक पहुंच रही चोरी की शिकायतें
अस्पताल में चोरी और जेब कटने की घटनाओं को लेकर आए दिन शिकायतें कंपू थाने तक पहुंच रही हैं। वायरल बुखार के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से भीड़ अधिक है और इसी स्थिति का फायदा उठाकर जेबकतरे सक्रिय नजर आ रहे हैं।
ऐसे में अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
अस्पताल में एनाउंसमेंट की सुविधा शुरू कराने की मांग
अस्पताल प्रशासन से मांग है कि मरीजों और उनके अटेंडरों को जेबकतरों से सावधान करने के लिए नियमित रूप से एनाउंसमेंट कराया जाए। भीड़ वाले स्थानों पर लोगों को अपने मोबाइल, पर्स और अन्य सामान को सुरक्षित रखने के लिए लगातार सचेत किया जा सकता है।
इस तरह की जागरूकता से मरीजों और उनके परिजनों को सतर्क रहने में मदद मिल सकती है और जेबकतरों की घटनाओं पर भी अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी।

