Site icon Panchayat Post

इंदौर बायपास पर 3 करोड़ की अवैध शराब जब्त, दो ट्रकों से मिलीं 3,000 पेटियां; DGGI और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई

Indore

Indore

By: Ravindra Singh

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़े जाने का मामला सामने आया है। DGGI (जीएसटी खुफिया महानिदेशालय) और राज्य आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बायपास के पत्थर मुंडला इलाके में कार्रवाई करते हुए शराब से भरे दो ट्रक जब्त किए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों ट्रकों से ‘श्री गोल्ड कॉइन’ ब्रांड की करीब 3,000 पेटियां बरामद हुई हैं। जब्त शराब की अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि इस खेप के पीछे टैक्स चोरी या अवैध परिवहन से जुड़ा नेटवर्क हो सकता है। मामले की जांच जारी है।

सात दिन की निगरानी के बाद बायपास पर रोके गए दोनों ट्रक

विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में शराब इंदौर के रास्ते गुजरात या अन्य क्षेत्रों में भेजी जा सकती है। यह भी आशंका जताई गई कि शराब को बिना जरूरी कर चुकाए बाजार में खपाने की तैयारी थी।

सूचना मिलने के बाद DGGI और आबकारी विभाग की टीमों ने संदिग्ध वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। बताया जा रहा है कि करीब सात दिनों तक निगरानी करने के बाद मंगलवार देर रात पत्थर मुंडला क्षेत्र में दोनों ट्रकों को रोक लिया गया। संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी कर वाहनों की तलाशी ली।

तिरपाल हटाने पर सामने आई शराब की बड़ी खेप

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने ट्रकों पर ढकी तिरपाल हटाकर जांच की, तो अंदर शराब की बड़ी खेप मिली। तलाशी में ‘श्री गोल्ड कॉइन’ ब्रांड की लगभग 3,000 पेटियां बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, वाहन चालक शराब के परिवहन से संबंधित वैध परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद अधिकारियों ने शराब के साथ दोनों ट्रकों को जब्त कर लिया। बरामद खेप की अनुमानित बाजार कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी गई है।

हालांकि, शराब कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

टैक्स चोरी और अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटे अधिकारी

DGGI इस मामले में संभावित जीएसटी और अन्य कर संबंधी अनियमितताओं की पड़ताल कर रही है। वहीं, आबकारी विभाग शराब के स्रोत, परिवहन व्यवस्था और इसके पीछे सक्रिय लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटा है।

जांच के तहत अधिकारी मुख्य रूप से इन सवालों के जवाब तलाश रहे हैं:

सहायक आबकारी नियंत्रक मनोज अग्रवाल के मुताबिक, पकड़े गए चालकों और संबंधित ट्रांसपोर्टरों से पूछताछ की जा रही है। मामले में आबकारी कानून और संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

नोट: मामले से जुड़े आरोपों, शराब के स्रोत और संभावित टैक्स चोरी की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर होगी।

Also Read: राजधानी में दुस्साहस: डीजीपी आवास के पास तैनात गार्ड को चकमा देकर आईएएस अधिकारी के बंगले से चंदन का पेड़ चोरी

Exit mobile version