by anuradha
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां महादेवगढ़ मंदिर में प्रेम विवाह करने के बाद एक युवती को उसके परिजनों द्वारा जबरन ले जाने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद से इलाके में तनाव और हड़कंप का माहौल है।
पृष्ठभूमि: 5 साल के रिश्ते और लिव-इन एग्रीमेंट से लेकर मंदिर में विवाह तक
मिली जानकारी के अनुसार, खंडवा के रहने वाले तेजपाल (हिंदू समुदाय) और तंजीम मंसूरी (मुस्लिम समुदाय) पिछले 5 वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों ने अपनी आपसी मर्जी से साथ रहने का फैसला किया था और इंदौर न्यायालय में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कानूनी दस्तावेज भी तैयार करवाए थे। इसके बाद, सोमवार को सुबह करीब 11 बजे दोनों ने खंडवा के प्रसिद्ध महादेवगढ़ मंदिर में अपनी इच्छा से विवाह कर लिया। शादी के बाद वे विवाह से संबंधित कागजी कार्रवाई और नोटरी कराने के लिए मालीकुआं क्षेत्र पहुंचे थे।
नोटरी के बाहर हंगामा: परिजनों पर मारपीट और जब्बरन साथ ले जाने का गंभीर आरोप
युवक तेजपाल का आरोप है कि जब वे नोटरी के पास कागजी दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कर रहे थे, तभी अचानक युवती के परिजन वहां आ धमके। आरोप है कि परिजनों ने तेजपाल के साथ जमकर मारपीट की और उसे घसीटते हुए कार की तरफ ले गए। इसके बाद वे युवती को भी जबरन अपनी कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग युवक को खींचते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई: पीड़ित युवक ने हिंदू संगठनों के साथ कोतवाली थाने में दर्ज कराई शिकायत
घटना के तुरंत बाद पीड़ित युवक तेजपाल ने स्थानीय हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों के साथ मिलकर सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस प्रशासन से अपनी पत्नी को सुरक्षित वापस लाने और आरोपियों के खिलाफ अपहरण व मारपीट का मामला दर्ज करने की सख्त मांग की है।
थाने में दिए गए आवेदन के साथ युवक ने इंदौर न्यायालय के कानूनी दस्तावेज, शपथ-पत्र और विवाह के फोटो-वीडियोग्राफ भी सबूत के तौर पर सौंपे हैं। इस मामले में महादेवगढ़ प्रमुख अशोक पालीवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शादी के बाद दिनदहाड़े इस तरह युवती को उठाकर ले जाना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने आशंका जताई है कि युवती की जान को खतरा हो सकता है या दबाव बनाकर उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया जा सकता है। फिलहाल, पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच में जुट गई है।

