मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के लॉर्डगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गढ़ा फाटक इलाके में पुलिस हिरासत में 27 वर्षीय युवक आकाश चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद से इलाके में भारी आक्रोश और हड़कंप का माहौल है। मृतक के परिजनों, विशेषकर उसकी मां ममता चौधरी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि रात करीब 9 बजे उनके बेटे को पकड़कर थाने ले जाया गया था, जहाँ पुलिसकर्मियों द्वारा की गई निर्मम मारपीट के कारण उसकी जान चली गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने उन्हें इस घटना की समय पर कोई सूचना नहीं दी और अब मामले को दबाने के लिए मौत की वजह ‘हार्ट अटैक’ होने का झूठा दावा किया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन ने मारपीट के आरोपों को नकारा
दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का पक्ष है कि उस युवक को केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से थाने लाया गया था। पुलिस के मुताबिक, थाने में ही अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि थाने परिसर में सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से काम कर रहे हैं और पूरे मामले की पारदर्शिता व निष्पक्षता सुनिश्चित करने के वास्ते पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मजिस्ट्रेट/न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

