माचलपुर। नगर का उप तहसील कार्यालय इन दिनों कर्मचारियों की कमी के चलते बदहाल व्यवस्थाओं से जूझ रहा है। लंबे समय से नायब तहसीलदार का पद खाली है, वहीं कार्यालय का प्रभार जीरापुर तहसीलदार सुनील वर्मा के पास है। बताया जा रहा है कि प्रभारी तहसीलदार मंगलवार को माचलपुर पहुंचकर कार्यालयीन कामकाज देखते हैं। ऐसे में अन्य दिनों में फरियादियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इंतजार करना पड़ता है।
कर्मचारियों के जीरापुर बुलाए जाने से बढ़ी परेशानी
माचलपुर उप तहसील में पहले लिपिकीय कर्मचारियों के माध्यम से कामकाज संचालित किया जा रहा था। लेकिन लिपिक सुनील वर्मा और उमेश शर्मा को भी जीरापुर कार्यालय बुलाए जाने के बाद यहां कर्मचारियों का संकट और गहरा गया है। स्थिति यह है कि उप तहसील कार्यालय की व्यवस्थाएं अब लगभग एक चौकीदार के भरोसे रह गई हैं।

काम के लिए कई दिनों से लगा रहे कार्यालय के चक्कर
राजस्व और अन्य जरूरी कार्यों के लिए उप तहसील पहुंचने वाले ग्रामीणों को अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिलने से परेशानी उठानी पड़ रही है। सोमवार को कार्यालय पहुंचे मुकेश राठौर, राजेंद्र सिंह पंवार और गंगाराम मालवीय ने बताया कि वे अपने काम के सिलसिले में कई दिनों से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन संबंधित कर्मचारी उपलब्ध नहीं हो रहे। दूर-दराज से आने वाले लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा है।
एसडीएम ने जल्द कर्मचारी भेजने का दिया भरोसा
मामले की जानकारी खिलचीपुर एसडीएम ज्योति राजोरे को दी गई। उन्होंने बताया कि जीरापुर तहसीलदार दो दिन माचलपुर में बैठकर काम देखते हैं और जीरापुर में रहते हुए भी माचलपुर का कार्य संभालते हैं। एसडीएम ने यह भी माना कि फिलहाल माचलपुर उप तहसील में किसी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं है। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए कर्मचारी भेजने की बात कही।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि माचलपुर महत्वपूर्ण उप तहसील क्षेत्र है, जहां रोजाना नामांतरण, सीमांकन, प्रमाण-पत्र और अन्य राजस्व कार्यों के लिए लोग पहुंचते हैं। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से नायब तहसीलदार सहित जरूरी कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।