Site icon Panchayat Post

मध्य प्रदेश के जर्जर स्कूलों का होगा कायाकल्प, सरकार ने ₹2800 करोड़ किए स्वीकृत

MP

MP

By: Ravindra Singh

मध्य प्रदेश में जर्जर हो रहे सरकारी स्कूलों की मरम्मत और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने ₹2800 करोड़ की राशि जारी करने की जानकारी दी है। स्कूली शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने ग्वालियर में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी साझा की। बैठक में स्कूलों के निर्माण, रखरखाव और सांदीपनि स्कूलों के संचालन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

सांदीपनि स्कूलों का जल्द होगा हैंडओवर

ग्वालियर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ संभागीय समीक्षा बैठक की। इसमें संभागायुक्त मनोज खत्री, संयुक्त संचालक लोक-शिक्षा हरिओम चतुर्वेदी और संभाग के विभिन्न जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।

मंत्री ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कई सांदीपनि स्कूलों को मंजूरी दी गई है, लेकिन कुछ स्कूलों का निर्माण पूरा होने के बावजूद वे अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं या संबंधित विभाग को सौंपे नहीं गए हैं। उन्होंने कहा कि छोटी-मोटी कमियों के कारण रुके स्कूलों का जल्द हैंडओवर कराकर उनका संचालन शुरू करना सरकार की प्राथमिकता है।

स्कूल भवनों के निर्माण में अपनाए जाएंगे नए मॉडल

मिनी सांदीपनि स्कूलों को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार अलग से नए मिनी सांदीपनि स्कूल बनाने के बजाय उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है। जिन स्कूलों में पर्याप्त जमीन है, वहां पुनर्निर्माण के जरिए निर्माण लागत कम करने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि भवनों के डिजाइन में बदलाव करते हुए ग्राउंड प्लस दो मंजिल के स्थान पर ग्राउंड प्लस चार मंजिल तक निर्माण की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही छत के निर्माण में पारंपरिक स्लैब की जगह फॉल्स रूफ जैसे विकल्पों पर भी तकनीकी विशेषज्ञों से चर्चा की गई है। सरकार का उद्देश्य कम लागत में सुरक्षित और उपयोगी स्कूल भवनों का मॉडल तैयार करना है।

जर्जर स्कूलों की मरम्मत और रखरखाव पर जोर

राज्य सरकार जर्जर स्कूल भवनों के पुनरुद्धार के लिए ₹2800 करोड़ की राशि जारी करने की तैयारी में है। इस राशि से स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा मंत्री ने स्कूलों के नियमित रखरखाव की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया। सरकार का प्रयास है कि स्कूल भवनों की मरम्मत के साथ-साथ निर्माणाधीन और तैयार सांदीपनि स्कूलों का संचालन भी समय पर शुरू हो, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।

Also Read: कूनो में चीता शावक की हत्या पर बड़ी कार्रवाई, तीन वनकर्मी सस्पेंड; STF ने 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया

Exit mobile version