By: Ravindra Singh
मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक विदाई के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग ने राज्य में 15 से 18 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत में सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के कारण राज्य के कई हिस्सों में मौसम ने यह करवट ली है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
ग्वालियर-चंबल संभाग समेत इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अक्टूबर यानी गुरुवार को राज्य के करीब 7 जिलों में बारिश के स्पष्ट आसार हैं। इनमें मुख्य रूप से ग्वालियर-चंबल संभाग (ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड) के साथ-साथ नीमच और मंदसौर जिले शामिल हैं। इसके बाद 16, 17 और 18 अक्टूबर के दौरान बारिश का दायरा थोड़ा और फैल सकता है, जिसमें उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है।
मानसून की विदाई के बाद अक्टूबर का मिला-जुला मिजाज
बता दें कि मध्य प्रदेश से इस साल मानसून 3 अक्टूबर को ही विदा हो चुका है। इसके बावजूद वातावरण में नमी और नए मौसमी तंत्रों के सक्रिय होने से बारिश का दौर दोबारा लौट आया है। आमतौर पर अक्टूबर के महीने में दिन के समय तेज और तीखी धूप निकलती है, जबकि रात के वक्त पारे में गिरावट के कारण हल्की ठंडक महसूस होने लगती है। पिछले एक दशक के मौसम के आंकड़े भी यही दर्शाते हैं कि इस माह में गर्मी, सर्दी और बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिलता है।
इस सीजन मानसूनी बारिश की स्थिति और आंकड़े
इस वर्ष मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान मध्य प्रदेश में कुल मिलाकर औसत से थोड़ी कम बारिश दर्ज की गई है। पूरे राज्य में इस बार 908.4 मिमी (लगभग 35.8 इंच) बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत आंकड़ा 949.5 मिमी (लगभग 37.3 इंच) का था—जो सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम यानी 1.6 इंच कम रहा।
हालांकि, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला:
- पूर्वी मध्य प्रदेश: यहाँ सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर और रीवा जैसे कुछ जिलों में थोड़ी कमी भी देखने को मिली।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश: इस हिस्से में स्थिति थोड़ी अलग रही जहाँ औसत से 12 प्रतिशत कम पानी बरसा। इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, मुरैना, धार और खंडवा सहित लगभग 20 जिलों में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम मानसूनी बारिश दर्ज की गई थी।
Also Read: 15 अक्टूबर 2026 राशिफल: सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

