मुरैना। जिले में आयोजित जनसुनवाई में अपनी फरियाद लेकर पहुंची एक गरीब महिला के साथ अजीब स्थिति बन गई। कलेक्टर से घर और आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंची महिला को आवेदन देने से पहले ही आवारा कुत्ते ने काट लिया। घटना के बाद कलेक्टर ने महिला को जिला अस्पताल भेजकर उपचार के लिए इंजेक्शन लगवाए। महिला की पहचान सिंघल बस्ती निवासी रावी बाल्मीकि, पत्नी भोलू बाल्मीकि के रूप में हुई है। वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ रहने के लिए छत और आर्थिक मदद की गुहार लगा रही है।
पति की नशे की लत से परिवार चलाना हुआ मुश्किल
रावी बाल्मीकि का आरोप है कि उसका पति नशे का आदी है और परिवार की जिम्मेदारियां नहीं उठाता। ऐसे में उसे अपने दो छोटे बच्चों का पालन-पोषण करने के साथ घर का खर्च चलाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। आर्थिक तंगी के कारण परिवार की स्थिति लगातार कठिन होती जा रही है।
10 महीने से किराया नहीं दे पाई महिला
महिला के मुताबिक, उसकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वह पिछले 10 महीने से मकान का किराया तक नहीं दे पाई है। किराया बकाया होने के कारण मकान मालिक उसे घर से बाहर निकालने की धमकी देता है। ऐसे में महिला के सामने अपने बच्चों के साथ रहने की जगह खोने का संकट खड़ा हो गया है।
कलेक्टर से मांगी रहने के लिए छत
इन्हीं परेशानियों से जूझ रही रावी बाल्मीकि जनसुनवाई में कलेक्टर से आर्थिक सहायता और रहने के लिए घर मांगने पहुंची थी। लेकिन अपनी बात रखने और आवेदन देने से पहले ही आवारा कुत्ते ने उसे काट लिया। इसके बाद कलेक्टर ने उसे जिला अस्पताल भिजवाकर उपचार की व्यवस्था कराई।
दो बच्चों के भविष्य की चिंता, प्रशासन से मदद की उम्मीद
रावी बाल्मीकि की मांग है कि उसे अपने दो छोटे बच्चों के साथ सुरक्षित रहने के लिए छत उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवार को बेघर होने की चिंता से राहत मिल सके। आर्थिक तंगी, बकाया किराया और पारिवारिक परेशानियों के बीच महिला अब प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठी है। अब देखना होगा कि आवास और आर्थिक सहायता की उसकी गुहार पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।

