By: Ravindra Singh
MP Monsoon : मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर अब समाप्त होने की कगार पर है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई शुरू हो जाएगी। यद्यपि वातावरण में मौजूद नमी के कारण कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की छीटें पड़ सकती हैं, परंतु किसी भी जिले में भारी वर्षा की चेतावनी जारी नहीं की गई है। इस वर्ष मानसूनी सीजन की समाप्ति तक राज्य के 55 में से 30 जिलों में वर्षा का औसत कोटा अधूरा रह गया है।
मानसूनी सीजन का रिपोर्ट कार्ड: सामान्य से 4 प्रतिशत कम बरसा पानी
MP Monsoon 1 जून से 30 सितंबर तक की समयावधि में राज्य में कुल 908.4 मिमी (35.8 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि मध्य प्रदेश का सामान्य मानसूनी औसत 949.5 मिमी (37.3 इंच) रहता है। इस प्रकार इस सीजन में कुल वर्षा सामान्य से 4% कम दर्ज की गई।
- जिलों का गणित: प्रदेश के 25 जिलों (जिसमें भोपाल और ग्वालियर शामिल हैं) में सामान्य या उससे अधिक वर्षा हुई।
- सर्वाधिक व न्यूनतम वर्षा: आलीराजपुर जिले में स्थिति सबसे चिंताजनक रही, जहाँ सामान्य कोटा आधा भी पूरा नहीं हो पाया। दूसरी ओर, निवाड़ी और मऊगंज में औसत से 150% से अधिक बारिश दर्ज हुई।
- पूर्वी बनाम पश्चिमी भाग: पूर्वी मध्य प्रदेश (जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल संभाग) में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही और वहाँ औसत से 4% अधिक पानी गिरा। इसके विपरीत, पश्चिमी मध्य प्रदेश (इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम आदि) के कई जिलों में 9% से लेकर 51% तक की भारी कमी दर्ज की गई।
जून की शुरुआती सुस्ती बनी कम बारिश की मुख्य वजह
MP Monsoon मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे सीजन में वर्षा का ग्राफ नीचे रहने का मुख्य कारण जून महीने की कमजोर शुरुआत थी। जून के दौरान प्रदेश में सामान्य से लगभग 14% कम पानी बरसा था।
हालाँकि जुलाई के आगमन के साथ मूसलाधार बारिश ने इस आंकड़े को काफी सुधारा, परंतु जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीनों में मानसून में दो बार लंबे विराम (Break) आए। भले ही उत्तरार्ध के महीनों में औसतन अच्छी वर्षा हुई, लेकिन शुरुआती महीने की भरपाई पूरी तरह नहीं हो सकी।
अगले 3 दिनों का पूर्वानुमान: 2 अक्टूबर से थमने लगेंगी गतिविधियां
MP Monsoon प्रदेश में विदाई से पूर्व अगले 72 घंटों के दौरान छिटपुट स्थानों पर मौसम में हलचल देखने को मिलेगी:
- 1 अक्टूबर: मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जैसे पूर्वी जिलों में गर्जना के साथ हल्की बूंदाबांदी संभव है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा।
- 2 अक्टूबर: प्रदेश के गिने-चुने हिस्सों में हल्की वर्षा की संभावना बनी रहेगी।
- 3 अक्टूबर के बाद: राज्य के अधिकांश संभागों में वर्षा की गतिविधियां पूरी तरह थम जाएँगी, जिसके साथ ही मानसून की औपचारिक वापसी का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

