By: Ravindra Singh
Weather : मध्य प्रदेश में अक्टूबर के दौरान मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। रात और सुबह के समय तापमान में गिरावट से हल्की ठंड महसूस होने लगी है, जबकि दोपहर में तेज धूप के कारण गर्मी का असर बरकरार है। इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर और नर्मदापुरम में दिन का पारा 36 डिग्री के पार रहा।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर से रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। इससे सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ने की संभावना है। फिलहाल दिन में गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। रविवार को ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई और कई स्थानों पर बादल छाए रहे।
इंदौर में सबसे कम तापमान, ग्वालियर में गर्मी का असर
Weather प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में कमी दर्ज की जा रही है। इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा शाजापुर में 16.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 16.9 डिग्री, पचमढ़ी में 17.5 डिग्री और भोपाल में 17.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
इसके विपरीत, दिन के तापमान में अब तक बड़ी गिरावट नहीं आई है। ग्वालियर और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। यही वजह है कि सुबह-शाम मौसम सुहावना लग रहा है, लेकिन दोपहर में धूप और गर्मी परेशान कर रही है।
ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग में हल्की बारिश
Weather रविवार को मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। कई जगहों पर बादलों की आवाजाही भी बनी रही।
हालांकि, बारिश का दायरा सीमित रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव सोमवार से कमजोर पड़ सकता है या समाप्त हो सकता है। इसके बाद अगले चार दिनों तक बारिश की गतिविधियों में कमी रहने का अनुमान है।
नए मौसमी सिस्टम से फिर हो सकती है बारिश
Weather उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना के बीच मौसम विभाग की नजर अन्य मौसमी प्रणालियों पर भी बनी हुई है। यदि इनका प्रभाव मध्य प्रदेश तक पहुंचता है, तो कुछ क्षेत्रों में फिर से बारिश हो सकती है।
फिलहाल अगले चार दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना कम है। वहीं, 20 अक्टूबर से रात के तापमान में गिरावट आने का अनुमान है। ऐसे में रात और सुबह ठंडक बढ़ सकती है, जबकि दिन के समय तेज धूप के कारण गर्मी बनी रह सकती है।
मानसून विदा होने के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
Weather मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है। इसके बावजूद राज्य के कुछ इलाकों में बारिश होने की वजह पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण जैसी मौसमी प्रणालियां हैं। इनके प्रभाव से मानसून की विदाई के बाद भी बादल बन सकते हैं और स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान प्रदेश में गर्मी, बारिश और ठंड का मिला-जुला प्रभाव देखने को मिला है। इस साल भी इसी तरह की परिस्थितियां बनी हुई हैं। महीने की शुरुआत में साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन का तापमान बढ़ा, जबकि रात में पारा गिरने से ठंडक महसूस होने लगी।
इस बार मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा। अब मानसून की विदाई के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव हो रहा है। आने वाले दिनों में रात की ठंड बढ़ने और दिन में गर्मी बने रहने का अनुमान है। हालांकि, नए मौसमी सिस्टम सक्रिय होने पर कुछ जिलों में बारिश का सिलसिला दोबारा शुरू हो सकता है।

