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आजादी के 78 साल बाद भी बदहाल जिंदगी, सड़क के अभाव में डोली के सहारे अस्पताल पहुंचते हैं ग्रामीण

हर्रई विकासखंड मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पाठाकरा में ग्रामीणों के अनुसार आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। हालात ऐसे हैं कि किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए डोली का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और आंगनवाड़ी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।

सड़क के अभाव में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना चुनौती

ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक सड़क नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन स्थिति में होती है। जब कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है, तो उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए डोली में ले जाना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर, फिर भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार

ग्राम पाठाकरा हर्रई विकासखंड मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद ग्रामीण सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं और आंगनवाड़ी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इन समस्याओं के कारण गांव में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई जा रही है।

ग्रामीणों को प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद

सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं और आंगनवाड़ी किसी भी गांव के विकास की महत्वपूर्ण जरूरतें हैं। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए संबंधित विभागों और प्रशासन से गांव की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपेक्षा की जा रही है।

सवाल यह है कि जब विकासखंड मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित गांव में मरीजों को आज भी डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है, तो ग्राम पाठाकरा तक बुनियादी सुविधाएं आखिर कब पहुंचेंगी?

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