By: Ravindra Singh
Raipur : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने और मनचाही जगह ट्रांसफर कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने करीब 15 लोगों को अपने जाल में फंसाकर लगभग 25 लाख रुपये वसूले हैं।
खुद को गृहमंत्री का PA बताकर बनाता था प्रभाव
Raipur पुलिस जांच के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आदित्य मोहन पण्डा खुद को प्रदेश के गृहमंत्री का निज सहायक यानी PA बताता था। वह लोगों के सामने मंत्रालय में अपनी मजबूत पकड़ होने का दावा करता था। आरोपी यह भरोसा दिलाता था कि सरकारी विभागों में उसकी पहुंच है और वह नौकरी लगवाने से लेकर कर्मचारियों का मनचाहा ट्रांसफर तक करा सकता है।
आरोपियों के निशाने पर सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के साथ-साथ संविदा कर्मचारी और ट्रांसफर चाहने वाले कर्मचारी भी थे। पहले मंत्रालय और प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने की बात कहकर भरोसा बनाया जाता, फिर काम कराने के नाम पर रकम मांगी जाती थी।
70 हजार रुपये लेने के बाद नहीं दिलाई नौकरी
Raipur मामला उस समय सामने आया जब बोस्टो तांडी नाम के युवक ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। युवक का आरोप है कि आदित्य मोहन पण्डा और संतराम यादव ने सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे 70 हजार रुपये लिए थे।
पैसे देने के बाद जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली तो युवक ने आरोपियों से रकम वापस मांगी। लगातार टालमटोल किए जाने के बाद उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला और उसने पुलिस से शिकायत की।
शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचा
Raipur शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने शिकायतकर्ता और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान आदित्य मोहन पण्डा, निवासी कमल विहार और संतराम यादव, निवासी हिमालया हाइट्स, देवपुरी को गिरफ्तार किया गया।
फर्जी आईकार्ड और नियुक्ति पत्र मिले
Raipur पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी आईकार्ड और नियुक्ति पत्र बरामद किए हैं। जांच में आशंका है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल लोगों को यह विश्वास दिलाने के लिए किया जाता था कि आरोपियों की सरकारी विभागों में पहुंच है।
फर्जी दस्तावेज दिखाकर आरोपियों द्वारा पीड़ितों को भरोसा दिलाया जाता था कि सरकारी नौकरी या अन्य काम आसानी से कराया जा सकता है।
15 लोगों से करीब 25 लाख रुपये लेने का आरोप
Raipur पूछताछ में पुलिस को पता चला कि यह ठगी केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं थी। आरोपियों ने करीब 15 लोगों से सरकारी नौकरी, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और मनचाहे स्थान पर ट्रांसफर कराने के नाम पर लगभग 25 लाख रुपये वसूले।
पुलिस अब उन सभी लोगों की जानकारी जुटा रही है, जिन्होंने आरोपियों को पैसे दिए थे। प्रत्येक पीड़ित से ली गई रकम और ठगी के तरीके की भी जांच की जा रही है।
ठगी की रकम बढ़ने की आशंका
Raipur पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने 25 लाख रुपये से अधिक की रकम भी लोगों से वसूली हो सकती है। कई पीड़ित अब तक शिकायत करने के लिए सामने नहीं आए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर ऐसे लोगों का पता लगाने में जुटी है।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में आरोपियों के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
पुलिस ने लोगों से की शिकायत दर्ज कराने की अपील
Raipur सिविल लाइन पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति ने आरोपियों को सरकारी नौकरी, संविदा नियमितीकरण या ट्रांसफर के नाम पर पैसे दिए हैं और उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो वह थाने में शिकायत दर्ज कराए।
पुलिस ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि सरकारी नौकरी या ट्रांसफर कराने के नाम पर किसी को पैसे न दें। किसी व्यक्ति द्वारा मंत्रालय या किसी बड़े अधिकारी अथवा नेता से करीबी संबंध होने का दावा किए जाने पर भी पहले उसकी जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन जरूर करें।
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