उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के जल्द सीटों के बंटवारे की मांग वाले बयान के बाद समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन और धर्मेंद्र यादव ने प्रतिक्रिया दी है। दोनों दलों के नेताओं के बयानों से गठबंधन को लेकर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ रही है।
इमरान मसूद ने जल्द सीट बंटवारे की बात कही
विवाद की शुरुआत सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान से हुई। उन्होंने अखिलेश यादव से गठबंधन को लेकर जल्द फैसला करने और सीटों का बंटवारा तय करने की बात कही थी। इसके बाद सपा की ओर से इकरा हसन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को चुनौती देने की स्थिति में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव ही हैं।
इकरा हसन ने यह भी कहा कि अगर गठबंधन बना रहता है तो यह अच्छा होगा, लेकिन गठबंधन नहीं होने की स्थिति में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। उनके बयान के बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी और तेज हो गई।
धर्मेंद्र यादव बोले, कांग्रेस अपने नेताओं को समझाए
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी कांग्रेस के नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने नेताओं को यह समझाना चाहिए कि उन्हें क्या बयान देना है और क्या नहीं देना है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ आने से 2024 के चुनाव में इंडिया गठबंधन को सफलता मिली थी।
धर्मेंद्र यादव ने आगे कहा कि 2027 के चुनाव में इससे बड़ी सफलता मिलने की बात कही और अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का दावा किया। यह उनका राजनीतिक बयान है, जबकि चुनावी परिणाम भविष्य की घटना है।
इमरान मसूद ने टीएमसी का उदाहरण देकर दिया जवाब
इकरा हसन और अन्य सपा नेताओं के बयानों के बाद इमरान मसूद ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेता भी इसी तरह की बातें करते थे और अब वहां के नतीजे देखे जा सकते हैं। उन्होंने दोनों दलों से साथ मिलकर आगे बढ़ने की अपील भी की।
इस बीच सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच दबाव की राजनीति और बयानबाजी जारी है। कांग्रेस की ओर से जल्द सीटों के बंटवारे की मांग सामने आ रही है, जबकि सपा नेताओं की ओर से भी कांग्रेस के बयानों पर जवाब दिया जा रहा है।

