अमित कश्यप की मौत को सर्पदंश दिखाने की थी कोशिश, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत का खुलासा
मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। आरोप था कि दोनों ने मिलकर अमित की हत्या की और घटना को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने के लिए उसके बिस्तर पर सांप छोड़ दिया। इस फैसले के साथ मेरठ में दो दिन के भीतर दूसरी बार मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने की खबर सामने आई है। इससे पहले सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को भी फांसी की सजा सुनाई गई थी।
साथ काम करते थे अमित और अमरदीप
बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव निवासी अमित कश्यप टाइल और पत्थर लगाने का काम करता था। अमरदीप भी उसके साथ काम करता था और अक्सर अमित के घर आता-जाता रहता था। इसी दौरान रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध बन गए।
बताया गया कि कुछ समय बाद अमित को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई। उसने इसका विरोध किया, जिसके बाद रविता और अमरदीप ने कथित तौर पर उसकी हत्या की साजिश रची।
एक हजार रुपये में खरीदा था सांप
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, रविता और अमरदीप ने एक सपेरे से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। आरोप है कि 17 अप्रैल की रात अमित के सो जाने के बाद रविता ने अमरदीप को घर बुलाया। दोनों ने कथित तौर पर अमित की हत्या कर दी और फिर उसके बिस्तर पर सांप छोड़ दिया, ताकि उसकी मौत सर्पदंश से हुई प्रतीत हो।
घटना के बाद अमरदीप वहां से चला गया, जबकि रविता दूसरे कमरे में जाकर सो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आया मौत का कारण
अगली सुबह परिजनों ने अमित को मृत पाया। उसके शरीर पर सांप के काटने के निशान थे, इसलिए शुरुआत में उन्हें लगा कि उसकी मौत सर्पदंश से हुई है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सांप का काटना नहीं, बल्कि दम घुटना बताया गया।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। खबर के मुताबिक, शव का पोस्टमार्टम कराने के दौरान रविता ने विरोध किया था। इससे परिजनों का शक उस पर गहराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया।
दो दिन में दूसरी बार मृत्युदंड की सजा
इस मामले में अदालत ने रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। इससे पहले मेरठ की अदालत ने सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को भी मृत्युदंड सुनाया था। लगातार दो मामलों में आए इन फैसलों के बाद मेरठ की न्यायिक कार्रवाई चर्चा में है।