एंटी ड्रग समितियों का होगा गठन: एमपी में ड्रग नेटवर्क खत्म करने के लिए मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश

मध्य प्रदेश को नशामुक्त और अवैध मादक पदार्थों से पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हाल ही में मंत्रालय में आयोजित पांचवीं राज्य स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कई अहम निर्देश जारी किए हैं। बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना समेत कई विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

500 से अधिक छात्र संख्या वाले संस्थानों में एंटी ड्रग समितियां

राज्य शासन द्वारा प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों को ड्रग्स के जाल से बचाने के लिए एक विशेष योजना बनाई गई है।

  • शुरुआती चरण में 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग समितियों का गठन किया जाएगा।
  • इन समितियों में शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों के साथ-साथ उच्च शिक्षा, सामाजिक न्याय विभाग और पुलिस के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
  • इन समितियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में जागरूकता फैलाना और एक ऐसा गुप्त सूचना तंत्र विकसित करना होगा, जिससे सूचना देने वाले छात्र या शिक्षक की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा सके। स्थानीय थाने का बीट इंचार्ज इन समितियों का नोडल अधिकारी होगा।

आगामी दो-तीन वर्षों में ड्रग रैकेट को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिस प्रकार प्रदेश से नक्सलवाद का सफाया किया गया है, उसी तर्ज पर अगले दो-तीन वर्षों में अवैध मादक पदार्थों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया जाए।

  • सभी संबंधित विभागों को त्रि-वर्षीय विशेष अभियान के तहत आंतरिक लक्ष्य निर्धारित कर एक ठोस कार्य-योजना बनाने को कहा गया है।
  • ड्रग नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए नार्कोटिक्स विंग, एसआईबी और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और मजबूत सूचना तंत्र बनाने पर जोर दिया गया है।

ड्रग विनिष्टिकरण में देश में नंबर-1 बना मध्य प्रदेश

बैठक के दौरान यह जानकारी साझा की गई कि अवैध ड्रग्स के विनिष्टिकरण (नष्ट करने की कार्रवाई) के मामले में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।

  • वर्ष 2025 में अफीम, मॉर्फीन और कोडीन जैसे मादक पदार्थों के 2073 मामलों में कुल 1,44,025 किलोग्राम और वर्ष 2026 में 30 सितंबर तक 2,756 मामलों में 1,30,380 किलोग्राम ड्रग्स को नष्ट किया गया है।
  • इसके अलावा, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए तस्करों की भारी-भरकम संपत्ति पर भी शिकंजा कसा गया है। वर्ष 2025 में 300 करोड़ और 2026 में 146 करोड़ रुपये यानी कुल 446 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अटैच की जा चुकी है।

गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ और हेल्पलाइन का प्रचार

राज्य में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 18 गुप्त मादक प्रयोगशालाओं (लैब) को प्रभावी कार्रवाई कर ध्वस्त किया है। साथ ही, नार्कोटिक्स विभाग की राष्ट्रीय हेल्पलाइन ‘मानस पोर्टल 1933’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम लोग भी बेझिझक नशे से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं साझा कर सकें।

औद्योगिकी इकाइयों और कफ सिरप के वितरण पर कड़ी नजर

मुख्य सचिव ने रासायनिक फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर के डायवर्जन को रोकने के लिए श्रम, उद्योग, स्वास्थ्य और गृह विभाग को संयुक्त रूप से एक निगरानी तंत्र या विशेष दस्ता बनाने को कहा है। इसके अलावा, कोडीन-बेस्ड कफ सिरप के उत्पादन और वितरण पर सतत निगरानी रखने तथा एफएसएल (FSL) से एनडीपीएस मामलों की जांच रिपोर्ट 15 दिन के भीतर प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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