by anuradha
मध्य प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक शहर उज्जैन से एक बेहद दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ सोशल मीडिया पर बनी एक जान-पहचान ने खौफनाक रूप ले लिया। इंदौर की रहने वाली एक पीड़ित महिला का आरोप है कि इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद जब वह उज्जैन पहुँची, तो उसे सुनियोजित तरीके से नशीला पदार्थ देकर चलती गाड़ी में सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी हरकत को अंजाम दिया गया। इस संगीन मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है और गहनता से छानबीन की जा रही है।
कैसे हुई इस खौफनाक सफर की शुरुआत?
पुलिस थानों से प्राप्त विवरण के मुताबिक, पीड़िता वर्तमान में अपने परिजनों से अलग इंदौर में निवास कर रही है। कुछ महीने पहले उसकी मुलाकात सोशल मीडिया ऐप इंस्टाग्राम के जरिए उज्जैन निवासी चक्रेश जैन नामक व्यक्ति से हुई थी।
घटना वाले दिन, पीड़िता रात के वक्त बस के माध्यम से इंदौर से उज्जैन पहुँची। इंदौर रोड पर स्थित मेघदूत होटल के नजदीक उतरने के बाद वह चक्रेश की कार में सवार हो गई। शहर के कुछ हिस्सों में घूमने के दौरान दोनों ने एक जगह कॉफी पी, जिसके कुछ ही पलों बाद महिला को अचानक गंभीर चक्कर आने लगे और उसकी शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी।
चलती गाड़ी में हैवानियत और गंभीर इल्जाम
महिला की शिकायत में यह बात सामने आई है कि कॉफी पीने के बाद जैसे ही उसकी सुधबुध खोने लगी, कार में एक अन्य व्यक्ति भी आकर बैठ गया। इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट और गंभीर यौन उत्पीड़न शुरू कर दिया।
पीड़िता का यह भी सनसनीखेज दावा है कि कुछ देर बाद कार में कुछ और लोग भी दाखिल हो गए, जिन्होंने उसके साथ मिलकर दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ने और बेहद अमानवीय कृत्य करने का प्रयास किया। इस हैवानियत को अंजाम देने के बाद, बदमाशों ने उसे इंदौर स्थित अरविंदो अस्पताल के समीप सड़क किनारे छोड़ दिया और फरार हो गए।
पुलिस की तत्परता और मेडिकल जांच के पहलू
घटना के तुरंत बाद, डरी-सहमी पीड़िता सीधे उज्जैन के नानाखेड़ा थाने पहुँची और लिखित में अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाया और नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
- पुलिस का पक्ष: सीएसपी श्वेता गुप्ता ने मीडिया को जानकारी दी है कि महिला की शिकायत के आधार पर औपचारिक मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता ने अपने बयानों में आरोपियों द्वारा किए गए कुकृत्यों का विस्तार से उल्लेख किया है।
- मेडिकल जांच का बिंदु: पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि शुरुआती मेडिकल परीक्षण के दौरान महिला के प्राइवेट पार्ट पर चोट के बाहरी निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ चोट के निशान न होने से यह नहीं माना जा सकता कि अपराध नहीं हुआ है। पुलिस तमाम फोरेंसिक साक्ष्यों, वीडियो बयानों और मेडिकल रिपोर्ट्स को आधार बनाकर गहराई से तफ्तीश कर रही है।
वायरल वीडियो और मामले की आगे की तहकीकात
इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर पीड़िता का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें वह इंस्टाग्राम की दोस्ती, नशीली कॉफी और चलती गाड़ी में हुई इस ज्यादती की पूरी आपबीती सिसकते हुए बयां कर रही है।
फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को केंद्र में रखकर शिकंजा कस दिया है। वीडियो में सामने आए तमाम तथ्यों, ड्रग्स या कथित नशीले पदार्थों के इस्तेमाल तथा अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं।