Salary Cut Allegation: CWSN हॉस्टल भर्ती में वेतन कटौती का आरोप, कथित ऑडियो वायरल; कमीशन के दावों से मचा हड़कंप

भिंड। भिंड और श्योपुर में समाजसेवी संस्था द्वारा संचालित CWSN हॉस्टल में नियुक्तियों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। संस्था के अध्यक्ष से जुड़ा बताया जा रहा एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद वार्डन और विशेष अतिथि शिक्षकों के मानदेय से कथित कटौती तथा कमीशन के दावों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।

नियुक्ति के बदले मानदेय से कटौती का आरोप

जानकारी के मुताबिक, सिद्धेश्वर महाराज विकलांग समिति द्वारा ग्वालियर, भिंड और श्योपुर में CWSN हॉस्टल संचालित किए जा रहे हैं। आरोप है कि हॉस्टल में वार्डन और विशेष अतिथि शिक्षक के पदों पर नियुक्ति के एवज में निर्धारित मानदेय में से रकम वापस लेने की कथित शर्त रखी गई।बताया जा रहा है कि वार्डन के लिए निर्धारित 13,400 रुपये के मानदेय में से 3,400 रुपये वापस लेने की बात कथित ऑडियो में कही गई है। इसी तरह विशेष अतिथि शिक्षकों के मानदेय में भी कथित कटौती की बात सामने आई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो नियुक्ति प्रक्रिया और कर्मचारियों को मिलने वाले मानदेय की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।

कथित ऑडियो में DPC और भोपाल तक कमीशन का दावा

मामले को और गंभीर बनाने वाला दावा यह है कि वायरल बताए जा रहे ऑडियो में कथित तौर पर कटौती की गई राशि में से भिंड जिला शिक्षा केंद्र के DPC और भोपाल स्तर तक कमीशन पहुंचाने की बात कही गई है।इसके अलावा CWSN हॉस्टल के संचालन और नियुक्तियों में जिला शिक्षा केंद्र से जुड़े कुछ अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ऑडियो की सत्यता और आरोपों की जांच जरूरी

वायरल ऑडियो को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसकी प्रामाणिकता और उसमें सुनाई दे रही आवाज की पहचान को लेकर है। यदि ऑडियो वास्तविक पाया जाता है और उसमें लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं, तो मामला गंभीर वित्तीय अनियमितता और नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी से जुड़ सकता है।अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और CWSN हॉस्टल में नियुक्त कर्मचारियों के मानदेय, बैंक खातों में हुए भुगतान तथा कथित कटौती से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जाए। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि वायरल ऑडियो में किए गए दावे कितने सही हैं और यदि अनियमितता हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

संस्था अध्यक्ष का बयान

संस्था के अध्यक्ष ने पंचायत पोस्ट से बातचीत में वायरल ऑडियो में अपनी आवाज होने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज उनकी नहीं है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। अध्यक्ष ने कहा कि जिन लोगों ने यह ऑडियो जारी किया है, उनके खिलाफ वह एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने पूरे मामले को उनके खिलाफ साजिश बताया।

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