By: Ravindra Singh
Anuppur : मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस सेवा में देरी का मामला सामने आया है। देवरी गांव की रहने वाली शांति बाई केवट की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे। कई घंटे तक उपचार के बाद भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस के लिए करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। जब वाहन अस्पताल पहुंचा, तब तक महिला की हालत गंभीर हो चुकी थी। परिजन उन्हें एंबुलेंस में ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि उन्होंने वाहन के दरवाजे पर दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
सुबह सात बजे शुरू हुआ था इलाज
Anuppur जानकारी के मुताबिक, शांति बाई केवट की अचानक तबीयत खराब होने पर परिजन उन्हें रविवार सुबह कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। अस्पताल में सुबह करीब सात बजे से उनका उपचार शुरू किया गया। डॉक्टरों ने कई घंटे तक इलाज किया, लेकिन महिला की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
आठ घंटे बाद जिला अस्पताल रेफर
Anuppur महिला की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। करीब आठ घंटे के इलाज के बाद दोपहर तीन बजे उन्हें रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने दूसरे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करने की कोशिश शुरू की।
परिजनों का आरोप, पांच घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस
Anuppur परिजनों के अनुसार, एंबुलेंस बुलाने के लिए कई बार फोन किया गया। उनका दावा है कि अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने भी वाहन के लिए संपर्क किया, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। परिवार का आरोप है कि लगभग पांच घंटे की प्रतीक्षा के बाद वाहन अस्पताल पहुंचा। इस दौरान महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती रही।
एंबुलेंस के दरवाजे पर तोड़ा दम
Anuppur एंबुलेंस पहुंचने के बाद परिजन शांति बाई को वाहन में बैठाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान महिला ने एंबुलेंस के दरवाजे पर ही दम तोड़ दिया। घटना से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों ने इस घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं और आपातकालीन परिवहन सेवा पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जांच और जवाबदेही तय करने की मांग
Anuppur परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और एंबुलेंस पहुंचने में हुई देरी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, महिला की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण और एंबुलेंस पहुंचने में देरी की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। इन दोनों पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।