By: Ravindra Singh
Burhanpur : मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। धुलकोट क्षेत्र के ग्राम सुक्ता खुर्द स्थित शासकीय नवीन प्राथमिक शाला बैलथड़ में गुरुवार को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं परोसे जाने का मामला सामने आया है। मेन्यू में वेजिटेबल पुलाव और पकोड़े वाली कढ़ी शामिल थी, लेकिन बच्चों की थाली में केवल मसालेदार सादे चावल नजर आए। मामले के बाद ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जांच कराने की मांग की है।
मेन्यू के अनुसार नहीं मिला भोजन
Burhanpur स्कूल में गुरुवार के लिए तय भोजन में वेजिटेबल पुलाव और पकोड़े वाली कढ़ी दी जानी थी। हालांकि, बच्चों को इन व्यंजनों की जगह हल्दी, मिर्च और नमक डालकर बनाए गए चावल परोसे गए। निर्धारित मेन्यू और वास्तविक भोजन में अंतर सामने आने के बाद मध्याह्न भोजन योजना के संचालन पर सवाल उठने लगे हैं।
स्कूल में दर्ज हैं 50 विद्यार्थी, 22 रहे उपस्थित
Burhanpur जानकारी के मुताबिक, बैलथड़ प्राथमिक स्कूल में करीब 50 विद्यार्थियों के नाम दर्ज हैं। गुरुवार को इनमें से 22 बच्चे स्कूल पहुंचे थे। आरोप है कि उपस्थित विद्यार्थियों को भी तय मेन्यू के मुताबिक भोजन नहीं दिया गया। मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करना है।
बच्चों के पोषण से जुड़ी है योजना
Burhanpur ग्रामीण इलाकों में कई परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि स्कूल में मिलने वाला भोजन बच्चों के रोजाना के आहार का अहम हिस्सा बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग दिनों के लिए भोजन का मेन्यू निर्धारित किया जाता है, ताकि बच्चों को विविध और पोषणयुक्त आहार मिल सके। ऐसे में तय भोजन के बजाय केवल चावल परोसे जाने से योजना के उद्देश्य और उसके क्रियान्वयन को लेकर चिंताएं सामने आई हैं।
स्व सहायता समूह की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
Burhanpur सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन तैयार करने और बच्चों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित स्व सहायता समूहों की होती है। इस व्यवस्था में भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मात्रा, साफ-सफाई और मेन्यू का पालन महत्वपूर्ण है। बैलथड़ स्कूल में सामने आए मामले के बाद संबंधित समूह की भूमिका और जिम्मेदारियों की समीक्षा की मांग की जा रही है।
शिक्षा विभाग से जांच कराने की मांग
Burhanpur ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के दौरान यह पता लगाया जाना चाहिए कि स्कूल में नियमित रूप से किस तरह का भोजन तैयार किया जा रहा है और निर्धारित मेन्यू का कितना पालन होता है। इसके साथ ही भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और स्व सहायता समूह की जिम्मेदारी की भी पड़ताल की जानी चाहिए।
दूसरे स्कूलों की भोजन व्यवस्था की भी हो जांच
Burhanpur ग्रामीणों ने बैलथड़ स्कूल के साथ-साथ आसपास के अन्य सरकारी विद्यालयों में भी मध्याह्न भोजन योजना की जांच कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो उसे समय रहते ठीक किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों को योजना के अनुरूप पौष्टिक भोजन मिल सके।
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