By: Ravindra Singh
नई दिल्ली। देशभर में दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस बार दिल्ली के पीतमपुरा में दशहरा समारोह के दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया जाएगा। श्री केशव रामलीला समिति ने यह फैसला गंदगी और अस्वच्छता के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लिया है। समिति के मुताबिक, कॉकरोच को समाज में फैली गंदगी का प्रतीक मानते हुए उसके पुतले का दहन किया जाएगा।
रावण के साथ कॉकरोच का भी होगा दहन
दिल्ली के पीतमपुरा में आयोजित होने वाले दशहरा समारोह में इस बार लोगों को एक अलग नजारा देखने को मिलेगा। पारंपरिक रूप से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस पहल के जरिए लोगों को अपने घरों, आसपास के इलाकों और पूरे समाज में साफ-सफाई बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा।
समिति ने बताया गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक
श्री केशव रामलीला समिति के अध्यक्ष और मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल ने कहा कि विजयदशमी का पर्व सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि समिति कई वर्षों से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन करती आ रही है। इसके अलावा, अलग-अलग समय पर नक्सलवाद और आतंकवाद जैसी बुराइयों के प्रतीकात्मक पुतले भी जलाए गए हैं। इस बार गंदगी के खिलाफ संदेश देने के लिए कॉकरोच का पुतला जलाने का निर्णय लिया गया है।
स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल
अशोक गोयल के अनुसार, समाज और देश को गंदगी से मुक्त बनाने के लिए लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता जरूरी है। इसी उद्देश्य से 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले को दशहरा समारोह में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख है। हालांकि, समिति के अध्यक्ष ने पुतला दहन के पीछे गंदगी से छुटकारा पाने और स्वच्छता का संदेश देने की बात कही है।
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