By: Ravindra Singh
मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब के कारोबार ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खातेगांव में अवैध शराब से भरे वाहन को रोकने पहुंचे थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की वाहन से कुचलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस की घेराबंदी के दौरान आरोपी चालक ने भागने की कोशिश में आयशर वाहन को डिवाइडर पर चढ़ा दिया, जिसकी चपेट में टीआई आ गए। गंभीर रूप से घायल अधिकारी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। खास बात यह है कि देवास जिले में कुछ दिन पहले ही संदिग्ध जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने जिले में अवैध शराब के कारोबार और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अवैध शराब की सूचना पर हाईवे पहुंची थी पुलिस, भागने के प्रयास में टीआई को कुचला
जानकारी के मुताबिक, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक आयशर वाहन में अवैध शराब भरकर ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी पुलिस टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे पर पहुंचे। इस वाहन की तलाश में नेमावर थाने की पुलिस भी जुटी हुई थी।
पुलिस ने संदिग्ध वाहन की घेराबंदी की तो वह हाईवे पर डिवाइडर के पास खड़ा मिला। इसके बाद टीआई दिलीप पुरी वाहन के नजदीक पहुंचे और चालक को नीचे उतरने के लिए कहा। लेकिन आरोपी ने पुलिस के निर्देशों का पालन करने के बजाय गाड़ी भगाने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि चालक ने आयशर वाहन को डिवाइडर पर चढ़ा दिया। इसी दौरान वाहन का पिछला पहिया टीआई दिलीप पुरी के ऊपर से गुजर गया। हादसे में उन्हें शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और काफी खून बह गया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए करीब दो घंटे तक सीपीआर दिया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
संदलपुर में वाहन छोड़कर फरार हुआ आरोपी, पुलिस ने शुरू की तलाश
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक वाहन लेकर डिवाइडर के दूसरी ओर पहुंचा और संदलपुर के पास गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। अंधेरे का फायदा उठाकर भागे चालक की तलाश में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।
पुलिस ने अवैध शराब से भरे आयशर वाहन को जब्त कर संदलपुर थाने में रखवा दिया है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद देवास के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे। टीआई दिलीप पुरी के परिजन भी घटना की सूचना मिलने पर खातेगांव पहुंच गए।
पुलिस अब आरोपी चालक की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। इस घटना के बाद पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
देवास में जहरीली शराब से पहले ही हो चुकी हैं 13 मौतें, अधिकारियों पर भी हुई थी कार्रवाई
देवास जिले में अवैध शराब का मामला पहले से ही गंभीर बना हुआ है। हाल ही में जिला मुख्यालय के नजदीक चंदाना और बिंजाना गांवों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत का मामला सामने आया था। ग्रामीणों ने दावा किया था कि करीब 20 दिनों के भीतर दोनों गांवों में 13 से अधिक लोगों की जान चली गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शराब पीने के बाद कई लोगों को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और घबराहट जैसी परेशानियां हुई थीं। कुछ लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात भी सामने आई थी। ग्रामीणों ने इस अवैध कारोबार के लंबे समय से जारी रहने का आरोप लगाया था।
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को मिलावटी शराब में केमिकल के इस्तेमाल से जुड़े तथ्य मिलने की जानकारी सामने आई थी। वहीं, जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। देवास और सागर जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को बदल दिया गया था। इसके अलावा देवास की जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया समेत तीन अन्य आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया था।
अब अवैध शराब रोकने पहुंचे थाना प्रभारी की मौत ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। जिले में शराब तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग उठने की संभावना है।

