By: Ravindra Singh
भोपाल। मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट आई है, जिससे दिन में भी ठंडक महसूस होने लगी है। बीते चार दिनों के दौरान कुछ इलाकों में पारा 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 5 नवंबर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
बदलते मौसम के बीच रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
MP के 15 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार को मध्य प्रदेश के 15 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इनमें जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, मैहर, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश हो सकती है। इससे पहले रविवार को भी सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई थी।
चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर, कई संभागों में बदलेगा मौसम
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम प्रभावित होने का अनुमान है। जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और इंदौर संभाग के कई जिलों में बारिश की स्थिति बन सकती है।
वहीं, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले 48 घंटों में चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में अधिकतम तापमान 5.3 से 7.7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर संभाग में अधिकतम तापमान में 4.9 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है। रात के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की गिरावट आई है।
दमोह में सबसे कम 14.5 डिग्री तापमान, नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड
प्रदेश में रात के समय ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बीती रात दमोह में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बताए गए शहरों में सबसे कम रहा। इसके अलावा अमरकंटक में 15.1 डिग्री, भोपाल में 15.2 डिग्री, गिरवर (शाजापुर) में 15.4 डिग्री और मलाजखंड (बालाघाट) में 15.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर और तेज हो सकता है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। ग्वालियर में नवंबर महीने के दौरान न्यूनतम तापमान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में सर्दी बढ़ सकती है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए लोगों को बारिश, तेज हवाओं और गिरते तापमान को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

