गुना में एक साल से गैरहाजिर शिक्षक पर अफसर मेहरबान? कार्रवाई की जगह जॉइन कराने का आदेश

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले के सांदीपनि विद्यालय से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षक रवींद्र सिंह कुशवाह के करीब एक साल तक स्कूल से अनुपस्थित रहने के बावजूद उन पर कार्रवाई करने के बजाय दोबारा जॉइन कराने के निर्देश जारी किए गए। शिक्षक के 2 सितंबर 2025 से लगातार अनुपस्थित रहने की बात सामने आई है।

मामला तब सामने आया जब विद्यालय के प्राचार्य ने सितंबर 2026 में जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर शिक्षक की लगातार अनुपस्थिति की जानकारी दी। प्राचार्य ने बताया कि लंबे समय से शिक्षक के स्कूल नहीं आने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके बाद शिक्षक ने जिला शिक्षा कार्यालय में पहुंचकर अपनी गैरहाजिरी के पीछे पारिवारिक कारणों का हवाला दिया और खुद को अवैतनिक अवकाश पर बताया।

प्राचार्य की चिट्ठी के बाद खुला एक साल की गैरहाजिरी का मामला

सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी को भेजे पत्र में शिक्षक रवींद्र सिंह कुशवाह की लंबे समय से अनुपस्थिति का उल्लेख किया। बताया गया कि शिक्षक 2 सितंबर 2025 से विद्यालय में उपस्थित नहीं हुए, जिसके चलते शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।

प्राचार्य की शिकायत के बाद शिक्षक भी जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति के लिए पारिवारिक परिस्थितियों को वजह बताया। उनका कहना था कि वह अवैतनिक अवकाश पर थे।

हालांकि, इतने लंबे समय तक बिना पूर्व सूचना या स्वीकृति के अनुपस्थित रहने के मामले में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या शिक्षक ने नियमानुसार अवकाश स्वीकृत कराया था और यदि नहीं, तो विभागीय स्तर पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

कार्रवाई की जगह 7 सितंबर को जॉइन कराने का आदेश

मामले में सबसे बड़ा सवाल जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर से जारी आदेश को लेकर उठ रहा है। आरोप है कि शिक्षक की करीब एक साल की अनुपस्थिति सामने आने के बाद भी तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के बजाय 7 सितंबर को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से विद्यालय के प्राचार्य को शिक्षक को दोबारा जॉइन कराने के निर्देश दे दिए गए।

इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि यदि शिक्षक की अनुपस्थिति नियमों के विपरीत थी तो पहले इसकी जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

वहीं, शिक्षक को जॉइन कराने के निर्देश जारी होने से यह मामला और चर्चा में आ गया है।

मामला सामने आने के बाद जांच की बात

मामला सार्वजनिक होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी अब जांच कराने की बात कह रहे हैं। विभाग यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि शिक्षक की लंबी अनुपस्थिति किन परिस्थितियों में हुई और क्या उनका अवकाश नियमानुसार स्वीकृत था।

साथ ही यह भी जांच का विषय है कि करीब एक साल तक शिक्षक के विद्यालय से अनुपस्थित रहने के बावजूद विभागीय स्तर पर समय रहते क्या कार्रवाई की गई। क्योंकि लंबे समय तक शिक्षक की गैरमौजूदगी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ने का दावा किया गया है।

अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि शिक्षक की अनुपस्थिति नियमों के तहत थी या नहीं और उन्हें दोबारा जॉइन कराने का आदेश किन आधारों पर जारी किया गया।

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