By: Ravindra Singh
Indore : गांधी जयंती के अवसर पर इंदौर में महिलाओं की स्वतंत्रता, सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक अनूठा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। रीगल चौराहे पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने हुए इस कार्यक्रम में बेटियों ने खुद को प्रतीकात्मक रूप से जंजीरों में बांधकर अपनी बात रखी। ‘न्यायाग्रह’ नाम से आयोजित इस पहल के जरिए महिलाओं को सुरक्षा के नाम पर मिलने वाली पाबंदियों के बजाय स्वतंत्र और सुरक्षित वातावरण देने की मांग की गई।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने सवाल उठाया कि आखिर सुरक्षा के नाम पर बेटियों की आजादी को सीमित क्यों किया जाता है? उनका कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा का समाधान उनकी आवाजाही, पहनावे और निजी फैसलों पर नियंत्रण लगाना नहीं, बल्कि अपराधों पर रोक लगाना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।
जंजीरों में बंधकर बेटियों ने दर्ज कराया विरोध
Indore रीगल चौराहे पर आयोजित इस कार्यक्रम में बेटियों ने अपने हाथों और शरीर को जंजीरों से बांधकर सांकेतिक विरोध जताया। इस दृश्य के माध्यम से उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्रता पर लगाई जाने वाली सामाजिक और व्यक्तिगत बंदिशों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महिलाओं को अपनी पसंद से जीवन जीने, शिक्षा प्राप्त करने और रोजगार चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के नाम पर स्वतंत्रता छीनना किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
सुरक्षा के नाम पर पाबंदियों पर उठाए सवाल
Indore कार्यक्रम में शामिल प्रकाम्या परमार ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए सोच और व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों की आजादी पर प्रतिबंध लगाने के बजाय ऐसा माहौल तैयार किया जाना चाहिए, जहां वे बिना किसी डर के अपने सपनों को पूरा कर सकें।
उनका कहना था कि महिलाओं को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी समाज और व्यवस्था की है। इस जिम्मेदारी को उनकी स्वतंत्रता सीमित करके पूरा नहीं किया जा सकता।
अपराधों पर रोक और महिलाओं के अधिकारों के सम्मान की मांग
Indore न्यायाग्रह में शामिल प्रतिभागियों ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके पहनावे, बाहर आने-जाने के समय और व्यक्तिगत निर्णयों को नियंत्रित करने के बजाय अपराधों की रोकथाम पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने ऐसी सामाजिक व्यवस्था की मांग की, जिसमें महिलाएं और बेटियां शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में बिना भय के अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। साथ ही, महिलाओं के अधिकारों और उनकी गरिमा का सम्मान किए जाने पर भी जोर दिया गया।
गांधी जयंती पर सत्याग्रह की भावना से ‘न्यायाग्रह’
Indore गांधी जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम को महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार से प्रेरित होकर ‘न्यायाग्रह’ नाम दिया गया। इसके माध्यम से बेटियों ने अहिंसक तरीके से महिलाओं की आजादी, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े सवालों को सामने रखा।
प्रदर्शन का संदेश था कि महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए उनकी स्वतंत्रता पर पहरा लगाने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जहां उन्हें समान अधिकार, सम्मान और भयमुक्त जीवन मिल सके।

