इंदौर में बढ़ते यातायात दबाव और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यातायात विभाग ने यात्री वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया। पिछले 15 दिनों में 2950 वाहनों पर कार्रवाई की गई। इनमें 1845 ऑटो रिक्शा, 784 ई-रिक्शा और 321 यात्री बसें शामिल हैं। अभियान के दौरान नो-पार्किंग, यातायात नियमों की अनदेखी और अन्य लापरवाहियों को लेकर कार्रवाई की गई।
रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और अस्पतालों के बाहर हुई कार्रवाई
यातायात विभाग को रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और अस्पतालों के बाहर यात्री वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और जाम की शिकायतें मिल रही थीं। इसके अलावा यात्रियों के साथ वाहन चालकों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन स्थानों को चिह्नित कर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
ऑटो में लगे तेज साउंड सिस्टम जब्त
अभियान के दौरान ऐसे ऑटो रिक्शा चालकों पर भी कार्रवाई की गई, जिन्होंने अपने वाहनों में तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम लगा रखे थे। यातायात विभाग ने इन साउंड सिस्टम को वाहनों से निकालकर जब्त किया। अधिकारियों के अनुसार, तेज आवाज और वाहन चलाते समय लापरवाही से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
बसों और ई-रिक्शा चालकों पर भी कार्रवाई
यातायात विभाग ने लापरवाही से वाहन चलाने वाली बसों के खिलाफ भी कार्रवाई की। वहीं, निर्धारित मार्ग के बजाय दूसरे रूट पर चलने वाले ई-रिक्शा चालकों को चिह्नित कर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान यात्री वाहनों के चालकों की जांच-पड़ताल भी की गई, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यात्री वाहनों के चालकों का पुलिस सत्यापन कराने की तैयारी
यातायात डीसीपी राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए शिकायतों के आधार पर समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। पिछले 15 दिनों में कुल 2950 यात्री वाहनों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही, यात्री वाहनों के चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कराने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।