इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादित बोल: प्रदर्शनकारी पर भड़के, बोले- ‘इतने जूते खाने के बाद भी आ गया

by Anuradha

मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने तीखे बयानों के चलते सुर्खियों में आ गए हैं। इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब एक प्रदर्शनकारी हाथ में पोस्टर लेकर उनके सामने पहुंचा, तो मंत्री अपना आपा खो बैठे। प्रदर्शनकारी को देखकर उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि वह “इतने जूते खाने के बाद भी आ गया।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ यात्रा’ के दौरान हुआ विवाद

सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह पूरा वाकया इंदौर में चल रही ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ यात्रा’ के दौरान का है। इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सामने अचानक एक समाजसेवी या प्रदर्शनकारी हाथ में पोस्टर लेकर विरोध दर्ज कराने पहुंच गया।

अचानक सामने आए इस प्रदर्शनकारी को देखकर मंत्री विजयवर्गीय इस कदर भड़क गए कि उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को उसे वहां से हटाने के सख्त निर्देश दे दिए।

पुलिस को दिए निर्देश: “गाड़ी में बैठाओ, यहां दिखना नहीं चाहिए”

गुस्से में लाल हुए मंत्री ने प्रदर्शनकारी की तरफ इशारा करते हुए कहा, “यह एक न्यूसेंस यहां आ गया है। इतने जूते खाने के बाद भी आ गया। इसको गाड़ी में बिठाओ यहां से, यह यहां दिखना नहीं चाहिए।” मंत्री के कड़े निर्देश मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और फौरन प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठाया और मौके से दूर ले गई। अब इस पूरी घटना का वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है।

पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं मंत्री

यह कोई पहला मौका नहीं है जब कैलाश विजयवर्गीय अपने किसी बयान या टिप्पणी के कारण विवादों में घिरे हों। कुछ ही दिन पहले उन्होंने एक सार्वजनिक मंच से अपने ही वार्ड की एक महिला पार्षद की शारीरिक बनावट पर विवादित टिप्पणी कर दी थी, जिसका वीडियो भी खूब वायरल हुआ था।

उस मामले में कांग्रेस पार्टी समेत कई विपक्षी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे बेहद निंदनीय बताया था। अपने बेबाक अंदाज और बयानों के लिए मशहूर कैलाश विजयवर्गीय का यह नया बयान एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।

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