By: Ravindra Singh
Morena : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की जौरा तहसील स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय भैसाई में मध्यान्ह भोजन योजना को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि स्कूल में पिछले करीब दो महीने से बच्चों के लिए भोजन नहीं बनाया जा रहा है। इस संबंध में बच्चों का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे लंबे समय से खाना नहीं मिलने की बात कहते नजर आ रहे हैं।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों की वास्तविक उपस्थिति और रजिस्टर में दर्ज हाजिरी के बीच अंतर होने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
बच्चों ने वीडियो में बताई भोजन नहीं मिलने की बात
Morena ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो में बच्चों से जब स्कूल में मिलने वाले मध्यान्ह भोजन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उन्हें काफी समय से खाना नहीं मिल रहा है। बच्चों के अनुसार, भोजन के बारे में पूछने पर स्कूल में खाने का सामान उपलब्ध नहीं होने की बात कही जाती है।
वीडियो सामने आने के बाद विद्यालय में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
100 बच्चों का नामांकन, रोजाना 20-25 के पहुंचने का दावा
Morena ग्रामीणों के मुताबिक, विद्यालय में लगभग 100 विद्यार्थियों के नाम दर्ज हैं, लेकिन प्रतिदिन केवल 20 से 25 बच्चे ही स्कूल आते हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद उपस्थिति रजिस्टर में सभी बच्चों की हाजिरी दर्ज की जा रही है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि स्कूल में नियमित रूप से मध्यान्ह भोजन तैयार किया जा रहा है, तो बच्चों को उसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा? साथ ही, वास्तविक उपस्थिति और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों के बीच कथित अंतर की भी जांच होनी चाहिए।
वीडियो वायरल होने के बाद व्यवस्था पर सवाल
Morena बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मध्यान्ह भोजन जैसी योजना का उद्देश्य बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के साथ स्कूल में उनकी उपस्थिति को प्रोत्साहित करना है। ऐसे में भोजन नहीं मिलने की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
हालांकि, स्कूल में कितने दिनों से भोजन नहीं बना, विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति क्या रही और रजिस्टर में कितनी हाजिरी दर्ज की गई, इसकी पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और स्थल निरीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की
Morena मामले को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने संबंधित अधिकारियों से विद्यालय का निरीक्षण कराने की अपील की है। उनकी मांग है कि मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़े रिकॉर्ड, उपस्थिति रजिस्टर और भोजन वितरण की स्थिति की बारीकी से जांच की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
Also Read: खरगोन में 20 हजार की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ पकड़ा, नामांतरण के लिए मांगे थे 2 लाख
One thought on “Morena: सरकारी स्कूल में दो महीने से मिड-डे मील नहीं मिलने का आरोप, हाजिरी रजिस्टर पर भी उठे सवाल”