By: Ravindra Singh
मुरैना। कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता निर्वा के शावक KNG 22 की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में वन विभाग और एसटीएफ ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आने के बाद वन विभाग ने तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, एसटीएफ ने जांच के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सुरक्षा में लापरवाही पर तीन वनकर्मी निलंबित
चीता शावक की मौत के मामले में ग्वालियर सीसीएफ लवित भारती ने पहाड़गढ़-कैलारस वन रेंज के तीन कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें रेंजर आकाश तोमर, कन्हार चौकी प्रभारी कीर्ति शांडिल्य और नाकेदार दिनेश मरैया शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में इन कर्मचारियों पर चीते की सुरक्षा और निगरानी में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है।
घटनास्थल से मिले खून के निशान
मामले की जांच कर रही एसटीएफ को पहाड़गढ़ वन रेंज में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास चीते के खून की तीन बूंदें मिलने की जानकारी सामने आई है। इस साक्ष्य के आधार पर जांच एजेंसी ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। फिलहाल उनसे पूछताछ कर घटना से जुड़ी कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
वारदात में इस्तेमाल रायफल की तलाश
एसटीएफ अब उस रायफल का पता लगाने में जुटी है, जिसका इस्तेमाल शावक को गोली मारने के लिए किए जाने की आशंका है। हिरासत में लिए गए लोगों से हथियार के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी संभावित आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल हथियार तक पहुंचने के लिए अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
जांच के बाद सामने आएंगे हत्या के राज
चीता शावक KNG 22 की मौत के मामले में तीन वनकर्मियों के निलंबन और तीन संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। अब एसटीएफ की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस घटना के पीछे कौन लोग शामिल थे और शावक की हत्या किन परिस्थितियों में की गई। फिलहाल रायफल की बरामदगी और संदिग्धों से पूछताछ पर जांच एजेंसी का फोकस है।