By: Ravindra Singh
Weather : मानसून की विदाई के बाद मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रीय चक्रवात) के कारण पूर्वी हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों में आगामी 4 दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर, भोपाल और इंदौर जैसे पश्चिमी जिलों में दिन के समय चमकीली धूप खिलेगी, जबकि रातों में हल्की गुलाबी ठंडक का अहसास बना रहेगा।
मंगलवार को इन जिलों में गरज-चमक के साथ गिरेंगी बूंदें
Weather मौसम केंद्र भोपाल के पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार को विंध्य और महाकोशल क्षेत्र के पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 7 और 8 अक्टूबर को भी पूर्वी मध्य प्रदेश के कतिपय क्षेत्रों में बूंदाबांदी का सिलसिला बना रह सकता है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अक्टूबर के महीने में तापमान और मौसम में इस तरह का उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। बीते एक दशक के आंकड़े बताते हैं कि इस महीने में धूप, बारिश और शुरुआती ठंड का मिला-जुला असर रहता है।
3 अक्टूबर को पूरे राज्य से मानसून की विदाई
Weather इस वर्ष मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की कुल सक्रियता लगभग 100 दिनों की रही। 24 जून को प्रदेश में प्रवेश करने के बाद मानसून 3 अक्टूबर को पूरी तरह से विदा हो गया। मानसूनी सीजन में पूर्वी मध्य प्रदेश (जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग) में औसतन बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 4% अधिक रहा, यद्यपि कई individual जिलों में पानी कम गिरा।
इन जिलों में दर्ज हुई सामान्य से कम वर्षा
Weather प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की चाल एकसमान नहीं रही:
- पूर्वी क्षेत्र: बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी जिलों में सामान्य के मुकाबले 5% से 21% तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई।
- पश्चिमी क्षेत्र: आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में बारिश का कोटा सामान्य से 9% से लेकर 51% तक कम रहा।