मध्य प्रदेश के रायसेन जिला जेल में हुए सनसनीखेज गोलीकांड का लाइव सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में एक विचाराधीन कैदी प्रहरी पर फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहा है। घटना के दौरान कैदी ने न केवल गोली चलाई, बल्कि घायल प्रहरी के सिर पर हमला किया और उसकी आंखों में मिर्च पाउडर भी झोंक दिया। हालांकि, प्रहरी की बहादुरी और अन्य कर्मचारियों की तत्परता के चलते आरोपी का फरार होने का प्रयास नाकाम हो गया।
चाबी मांगने के बहाने शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, 2 सितंबर को रायसेन जिला जेल में हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में बंद विचाराधीन कैदी निलेश उर्फ छोटेल ने प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर से चाबी को लेकर बातचीत की। सीसीटीवी फुटेज में शुरुआत में दोनों सामान्य बातचीत करते नजर आते हैं, लेकिन कुछ ही देर बाद स्थिति अचानक बदल जाती है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि कैदी जेल परिसर में बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहा था। इसी दौरान उसकी प्रहरी से बहस हो गई और उसने देसी कट्टा निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगते ही प्रहरी जमीन पर गिर पड़े।
गोली मारने के बाद सिर पर किया हमला, आंखों में डाली मिर्च
फायरिंग के बाद भी आरोपी नहीं रुका। वीडियो में वह घायल प्रहरी के सिर पर कट्टे से वार करता दिखाई देता है। इसके बाद उसने जेब से मिर्च पाउडर निकालकर प्रहरी की आंखों में झोंक दिया, ताकि वह विरोध न कर सके।
आरोपी इसके बाद जेल से बाहर निकलने के लिए चाबी तलाशने लगा। लेकिन घायल होने के बावजूद प्रहरी दिग्विजय सिंह ने साहस दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और उसके भागने की कोशिश को विफल कर दिया।
महिला कर्मचारी और अन्य स्टाफ ने संभाला मोर्चा
घटना के दौरान एक महिला कर्मचारी मौके पर पहुंची और जमीन पर गिरी पिस्तौल को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद जेल के अन्य कर्मचारी भी वहां पहुंच गए और आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से एक देसी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। मामले में आरोपी की मदद करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।
जेलर निलंबित, जांच जारी
घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए जेलर आर.के. चौरे को निलंबित कर दिया है। बताया गया कि घटना के समय वह अवकाश पर थे, लेकिन सुरक्षा चूक को देखते हुए उन पर कार्रवाई की गई। पुलिस और जेल विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं कि आखिर हथियार और मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचे।