मेवाड़ राजपरिवार में शोक की लहर, राजमाता विजयराज कुमारी का निधन, अंतिम यात्रा में भावुक हुए लक्ष्यराज सिंह

उदयपुर के मेवाड़ राजपरिवार में एक बार फिर शोक का माहौल है। राजमाता विजयराज कुमारी मेवाड़ का 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से राजपरिवार के साथ-साथ उदयपुर शहर में भी शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

सिटी पैलेस से निकली अंतिम यात्रा, उमड़ा जनसैलाब

राजमाता विजयराज कुमारी की अंतिम यात्रा उदयपुर के सिटी पैलेस से निकाली गई। करीब पांच किलोमीटर लंबे मार्ग पर हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए मौजूद रहे। यात्रा के दौरान लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए और कई स्थानों पर पुष्प वर्षा भी की गई। पूर्व राजपरिवारों के सदस्य, सामाजिक प्रतिनिधि और आमजन बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

मुखाग्नि देते समय भावुक हुए लक्ष्यराज सिंह

उदयपुर के आयड स्थित महासतिया में राजमाता का अंतिम संस्कार किया गया। यह स्थान मेवाड़ राजघराने की सदियों पुरानी अंतिम संस्कार परंपरा का केंद्र माना जाता है। राजमाता के पुत्र डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान वह भावुक हो गए, जिसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें संभाला। हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ लगातार जुटती रही।

शिक्षा और समाज सेवा में रहा महत्वपूर्ण योगदान

राजमाता विजयराज कुमारी का जन्म 21 दिसंबर 1942 को हुआ था। वह कच्छ राजघराने से संबंध रखती थीं और महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ से विवाह के बाद उदयपुर आई थीं। उन्होंने मेवाड़ की सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल के विकास और आधुनिकीकरण में उनकी अहम भूमिका रही।

उल्लेखनीय है कि मार्च 2025 में उनके पति और मेवाड़ राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का भी लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। एक वर्ष के भीतर माता-पिता दोनों को खोने से लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और पूरे राजपरिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *