by:Anuradha
भोपाल के बहुचर्चित पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस को आखिरकार बड़ी कामयाबी मिल गई है। घटना के करीब एक महीने बाद, पुलिस ने मुख्य आरोपी और मृतक के केयरटेकर को उत्तर प्रदेश के आगरा से दबोच लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे भोपाल वापस लाते समय आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
आगरा से पकड़ा गया मुख्य आरोपी वरुण कुमार
करीब एक महीने पहले राजधानी भोपाल में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही आरोपी और मृतक का केयरटेकर वरुण कुमार फरार चल रहा था। पुलिस की विशेष टीमों ने लगातार दबिश देते हुए आखिरकार उसे उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया और भोपाल लेकर रवाना हुई।
पुलिस मुठभेड़ और भागने की नाकाम कोशिश
मंगलवार तड़के करीब 5 बजे, जब पुलिस टीम आरोपी को लेकर मुगलिया छाप के पास पहुंची, तो उसने मौका पाकर पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की और भागने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक, चेतावनी देने के बाद भी जब आरोपी नहीं रुका, तो आत्मरक्षा में पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर किया। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली जा लगी। पुलिस ने तुरंत घायल आरोपी को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज जारी है।
क्या था पूरा मामला और कैसे दिया गया था वारदात को अंजाम?
यह खौफनाक मामला 30 सितंबर का है, जब 70 साल के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की उनके ही घर में गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया गया, उनकी पत्नी घर के दूसरे कमरे में सो रही थीं।
हत्या के बाद से ही घर का वह नौकर गायब था जिसे महज दो दिन पहले ही काम पर रखा गया था। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। पुलिस तभी से लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी और अब मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।