पंचायत सहायकों को हटाने के नियम में होगा बदलाव
उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों को लेकर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव मिलकर किसी पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। किसी पंचायत सहायक को हटाने के लिए जिलाधिकारी स्तर पर जांच की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मंत्री के मुताबिक इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
सीधे खाते में आएगा 9 हजार रुपये मानदेय
ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि प्रदेश में 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायक काम कर रहे हैं। सरकार ने इनके मानदेय को बढ़ाकर 9 हजार रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। यह राशि सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराने की भी बात कही गई है। मंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री से इस फैसले को लेकर अनुमति ले ली गई है।
धरना-प्रदर्शन के मुकदमे हटाने की भी बात
मंत्री ने कहा कि पंचायत सहायकों के धरना-प्रदर्शन के दौरान दर्ज हुए मुकदमों को भी हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे मामले की समीक्षा के बाद पंचायत सहायकों के हित में निर्देश जारी किए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव, असदुद्दीन ओवैसी और शिवपाल यादव पर भी राजनीतिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने अखिलेश यादव से यूसीसी को लेकर सवाल किया और मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा करने की बात कही। ओवैसी को लेकर राजभर ने कहा कि उनके कहने से कोई मुख्यमंत्री नहीं बन जाएगा और दावा किया कि उत्तर प्रदेश में उनसे गठबंधन करने के लिए कोई तैयार नहीं है। शिवपाल यादव पर भी उन्होंने तंज कसा। इसके अलावा उन्होंने प्रयागराज समेत कुछ अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव के पिछले शासनकाल पर निशाना साधा और पीडीए के अपने बताए नए अर्थ को दोहराया।