मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी से एक बेहद रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। सुतार मोहल्ला क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार चालक ने मामूली कहासुनी के बाद पिता-पुत्र को टक्कर मार दी और विरोध करने पर दोनों को कार के बोनट पर फंसाकर करीब 4 किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गया। स्थानीय लोगों की सूझबूझ और बहादुरी के चलते समय रहते दोनों की जान बचा ली गई।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
यह खौफनाक मामला 21 अक्टूबर की शाम करीब 8 बजे का है। सिर्वी मोहल्ला निवासी बाबूलाल पैदल अपने खेत की तरफ जा रहे थे। जब वे सुतार मोहल्ला (वार्ड क्रमांक 02) के मुख्य मार्ग पर पहुंचे, तो वहां से गुजर रही एक तेज रफ्तार कार (क्रमांक MP13-ZL-8063) के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। हालांकि, इस शुरुआती हादसे में बाबूलाल बाल-बाल बच गए, और जब उन्होंने ड्राइवर को ठीक से गाड़ी चलाने की नसीहत दी, तो आरोपी आगबबूला हो गया।
विरोध करने पर खौफनाक कदम
कहासुनी के बाद आरोपी कार से नीचे उतरा और बुजुर्ग बाबूलाल के साथ मारपीट करने लगा। यह शोर सुनकर बाबूलाल का बेटा भारत भी तुरंत मौके पर पहुंच गया। जब भारत ने आरोपी की इस करतूत का वीडियो या फोटो लेने की कोशिश की, तो गुस्साए चालक ने जान से मारने की नीयत से अपनी कार को तेज गति से आगे बढ़ा दिया।
टक्कर लगते ही पिता और पुत्र दोनों उछलकर कार के बोनट पर जा गिरे। इसके बावजूद बेरहम चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे पूरी रफ्तार से भगाना शुरू कर दिया। पीड़ित लगातार रोते और चिल्लाते हुए गाड़ी रोकने की गुहार लगाते रहे, लेकिन चालक ने उनकी एक नहीं सुनी और उन्हें बोनट पर लटकाए हुए लगभग 4 किलोमीटर तक घसीटता चला गया।
ग्रामीणों ने बचाई जान, पुलिस ने दर्ज किया केस
रास्ते में पीड़ितों के परिचित धर्मेंद्र काग, जयदीप गुंजाल और अन्य स्थानीय लोगों ने बाइक से कार का पीछा किया और ‘लोनी फाटा’ के पास किसी तरह गाड़ी को रुकवाकर दोनों पिता-पुत्र की जान बचाई। इसके बाद मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने आरोपी ड्राइवर की जमकर पिटाई कर दी।
इस भीषण हादसे में बुजुर्ग बाबूलाल के हाथ की उंगलियों, पंजे, पैर के घुटने और पसलियों में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि उनके बेटे भारत के हाथ की कलाई और घुटने पर चोटें लगी हैं। घायलों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी कार चालक के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।