विकास के दावों के बीच गोघटपुर की बदहाल व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

माचलपुर। समीपवर्ती ग्राम गोघटपुर में मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों ने गांव में सफाई, पेयजल, जल निकासी और निर्माण कार्यों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पंचायत की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग की है। बारिश के बाद गांव के कई हिस्सों में कीचड़ और पानी जमा होने के साथ गंदगी की समस्या भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

बारिश के बाद बढ़ जाती है कीचड़ और जलभराव की समस्या

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान गांव के कई रास्तों पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। गांव में जगह-जगह गंदगी दिखाई देने के साथ कुछ पानी की टंकियां भी खाली पड़ी हैं। इससे पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन समस्याओं का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

ग्रामीण चंदरसिंह चौहान, केवलसिंह चौहान, नीलेश वैष्णव, विजय मेरोठा, प्रेम लववंशी, प्रेमसिंह चौहान सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी के सामने भी गांव की सड़क, गंदगी और अन्य समस्याओं को रखा गया था। ग्रामीणों ने समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग की थी। इसके बावजूद समस्याएं बने रहने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

श्मशान की गिरी दीवार पर निर्माण गुणवत्ता की जांच की मांग

गोघटपुर के श्मशान घाट की दीवार गिरने का मामला भी ग्रामीणों के बीच चर्चा में है। ग्रामीणों ने दीवार के निर्माण की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल उठाते हुए निर्माण कार्य में खर्च हुई राशि और उसकी गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तेज बारिश और पानी के बहाव के कारण दीवार गिरी है, तब भी निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता की जांच होना जरूरी है।

ग्राम पंचायत सचिव भेरुलाल ने बताया कि सार्वजनिक शौचालय का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा और सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाएगा। गांव में कीचड़ की स्थिति को उन्होंने बारिश का परिणाम बताया। श्मशान की दीवार गिरने के संबंध में उनका कहना है कि पानी के तेज बहाव के कारण दीवार गिरी है।

सरपंच योगेश गुप्ता ने दूरभाष पर बताया कि सार्वजनिक शौचालय को पंचायत द्वारा तुड़वाया गया है और जल्द ही इसका निर्माण शुरू कराया जाएगा। सफाई व्यवस्था के संबंध में उन्होंने कहा कि गांव के प्रत्येक मोहल्ले में क्रमवार सफाई कराई जाती है। श्मशान की दीवार गिरने के मामले में सरपंच ने भी अधिक बारिश को कारण बताया और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान कार्यकाल में पिछले कार्यकाल की तुलना में अधिक विकास कार्य कराए गए हैं।

पंचायत ने कई समस्याओं पर दिया अपना पक्ष

पंचायत इंस्पेक्टर अनिल शिवहरे ने बताया कि बस स्टैंड पर शौचालय निर्माण की बात है। गांव में जलभराव के संबंध में उन्होंने कहा कि जिस सड़क पर पानी भर रहा है, वह ग्राम पंचायत के अधीन नहीं है। श्मशान की दीवार गिरने के मामले में उन्होंने भी तेज बारिश को वजह बताया।

ग्रामीण एक ओर सफाई, पेयजल, जल निकासी और निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पंचायत के जिम्मेदारों ने कई समस्याओं के पीछे बारिश या अधिकार क्षेत्र से बाहर की सड़क को कारण बताया है।

ऐसे में सवाल यह है कि यदि हर बारिश में गांव के रास्तों पर कीचड़ और पानी जमा होता है तो स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कब होगी? यदि श्मशान की दीवार बारिश के कारण गिरी है तो निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता की जांच कब होगी? वहीं, विधायक के सामने समस्याएं रखे जाने के बाद भी ग्रामीण उन्हीं परेशानियों से जूझ रहे हैं तो उनके समाधान की जिम्मेदारी किसकी होगी?

फिलहाल ग्रामीणों की शिकायतों और पंचायत के जवाबों के बीच गोघटपुर की जमीनी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल बने हुए हैं।

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